राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क लखनऊ : उपमुख्यमंत्री ने राज्य ग्राम्य विकास संस्थान के अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदेश स्तर व जिलों को मिलाकर कम से कम 1 लाख प्रशिक्षणार्थियों को प्रतिमाह प्रशिक्षण देने की क्षमता विकसित की जाए तथा प्रशिक्षण का समयबद्ध कैलेंडर जारी किया जाए। सभी प्रशिक्षणार्थियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य हो और प्रशिक्षण गुणवत्तापूर्ण हो। नव स्वीकृत प्रशिक्षण केंद्रों के भवन समय से तैयार कराने तथा किसी भी समस्या का विभागों के समन्वय से समाधान करने को कहा।
उपमुख्यमंत्री बुधवार को अपने कैंप कार्यालय, 7-कालिदास मार्ग पर आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में खाद्य प्रसंस्करण विभाग, ग्राम्य विकास विभाग व राष्ट्रीय एकीकरण विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।
उन्होंने निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में नवीनतम तकनीक का उपयोग किया जाए और एफडीआर तकनीक को बढ़ावा दिया जाए। लक्ष्य कम लागत में गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण का रखा जाए तथा आगे की कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत की जाए। अगले माह ठेकेदारों की कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश भी दिए। बताया गया कि स्पर्श प्रणाली से भुगतान की प्रारंभिक समस्याएं दूर हो चुकी हैं और अब भुगतान तेजी से हो रहे हैं।
खाद्य प्रसंस्करण विभाग को निर्देश दिया गया कि गांवों में विशेष रूप से समूहों की महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां लगाने के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे रोजगार बढ़ेगा और किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिलेगा। इस क्षेत्र में प्रशिक्षण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग आदि की जानकारी देने तथा आजीविका मिशन के साथ समन्वय कर प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार करने के निर्देश दिए गए।
ग्राम्य विकास विभाग की सभी इकाइयों में संविदा व आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय भुगतान को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। मनरेगा, यूपीआरआरडीए व ग्रामीण आजीविका मिशन के भुगतान स्पर्श प्रणाली से किए जाने की जानकारी दी गई। विधायक निधि के कार्य प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद निर्धारित समय में कार्य प्रारंभ कराने को कहा गया।
राष्ट्रीय एकीकरण विभाग को हरियाणा भेजकर वहां के कार्यों का अध्ययन कराने और उसके आधार पर प्रदेश में कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए महापुरुषों की स्मृति में कार्यक्रम आयोजित करने को कहा गया।
बैठक में राज्य मंत्री ग्राम्य विकास विभाग विजयलक्ष्मी गौतम, महानिदेशक राज्य ग्राम्य विकास संस्थान एल. वेंकटेश्वर लू, अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग बी.एल. मीणा, प्रमुख सचिव राष्ट्रीय एकीकरण विभाग एस.वी.एस. रंगाराव, सचिव राष्ट्रीय एकीकरण विभाग हीरालाल, आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग गौरी शंकर प्रियदर्शी, मिशन निदेशक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन दीपा रंजन, यूपीआरआरडीए के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अंकुर कौशिक, विशेष सचिव खाद्य प्रसंस्करण विभाग राजकमल यादव, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के निदेशक इशम सिंह सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































