राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क खीरी : ग्राम पंचायत अधिकारी/ग्राम विकास अधिकारी संघ और ग्राम विकास अधिकारी समन्वय सीमित द्वारा शांतिपूर्ण सत्याग्रह आंदोलन आज पांचवे दिन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहा। अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते दस सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को संबोधित करते हुए खंड विकास अधिकारी मितौली एवं जिलाधिकारी खीरी को सौंपा गया।
आंदोलनकारी अधिकारियों ने गैर विभागीय कार्यों के विरोध में काली पट्टी बांधकर अपना रोष व्यक्त किया। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दोपहर एक बजे तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो वे सरकारी विभागों से जुड़े सभी व्हाट्सएप ग्रुप एवं सोशल मीडिया ग्रुप से स्वयं को अलग कर लेंगे। ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति, उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत अधिकारी संघ एवं ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन द्वारा भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यरत सचिव, ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी से मूल विभागीय कार्यों के अतिरिक्त अन्य विभागों के कार्य भी बिना किसी संसाधन उपलब्ध कराए लिए जा रहे हैं। साथ ही ऑनलाइन उपस्थिति लागू किए जाने को भी अव्यवहारिक बताया गया है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि ग्राम पंचायत सचिव ग्राम पंचायत कार्यालय के अध्यक्ष के रूप में कार्य करते हैं, ठीक उसी प्रकार जैसे क्षेत्र पंचायत स्तर पर खंड विकास अधिकारी तथा जिला स्तर पर विभिन्न अधिकारी अपने-अपने कार्यालयों में अध्यक्ष के रूप में दायित्व संभालते हैं। जिला और क्षेत्र पंचायत स्तर पर कार्यालय अध्यक्ष की उपस्थिति दर्ज करने का कोई प्रावधान नहीं है, इसलिए सभी स्तरों पर समान उपस्थिति व्यवस्था लागू किए जाने की मांग की गई है।
संगठन ने कहा कि ग्राम पंचायत सचिवों का कार्य पूर्ण रूप से फील्ड आधारित होता है। एक सचिव के पास सामान्यतः छह से आठ ग्राम पंचायतों का प्रभार रहता है, ऐसे में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना व्यवहारिक रूप से सम्भव नहीं है। साथ ही ग्राम पंचायत स्तर पर सचिव के अलावा राजस्व विभाग, शिक्षा विभाग, कृषि विभाग, तकनीकी सहायक, किसान सहायक, गन्ना विभाग के पर्यवेक्षक तथा पशुपालन विभाग के पशुधन प्रसार अधिकारी भी कार्यरत रहते हैं, जिनका कार्य क्षेत्र सीमित होता है। इसलिए ग्राम पंचायत स्तर पर सभी कर्मचारियों की ऑनलाइन उपस्थिति की समान व्यवस्था लागू किए जाने की मांग की गई है।
इस अवसर पर ग्राम विकास अधिकारी मनोज कुमार, राजेंद्र प्रसाद, ब्रह्मप्रकाश तिवारी, सुमित कुमार, विवेक वर्मा, योगेंद्र वर्मा, धीरेंद्र वर्मा, धर्मेंद्र बहादुर वर्मा, डाली वर्मा, मेघना वर्मा, गरिमा सिंह और मिश्र उपस्थित रहे।













































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































