केंद्र सरकार ने पहली बार 9 जनवरी को वह तिथि अधिसूचित की है, जिस दिन दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) द्वारा या उनकी ओर से प्राप्त सभी सार्वजनिक धन को एक निर्दिष्ट सार्वजनिक खाते में जमा किया जाएगा। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीटी) में ऐसे धन के लेखांकन ढांचे को औपचारिक रूप दिया गया है।
यह निर्णय गृह मंत्रालय (एमएचए) द्वारा दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र अधिनियम, 1991 की धारा 46ए की उपधारा (1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लिया गया है। 2 जनवरी को जारी अधिसूचना में “राजधानी का सार्वजनिक खाता” नामक एक विशिष्ट सार्वजनिक खाते के निर्माण और संचालन का प्रावधान है। अधिसूचना के अनुसार, 9 जनवरी से उपराज्यपाल द्वारा या उनकी ओर से प्राप्त सभी “अन्य सार्वजनिक धन” अनिवार्य रूप से इस नव-निर्दिष्ट खाते में जमा किए जाएंगे। “अन्य सार्वजनिक धन” शब्द में व्यापक रूप से वे निधियां शामिल हैं जो समेकित निधि का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन सार्वजनिक प्राधिकरण के प्रयोग में प्राप्त होती हैं, जिनमें उपराज्यपाल के अधिकार के तहत संभाले जाने वाले कुछ जमा, प्रेषण और प्राप्तियां शामिल हैं।
अधिसूचना में कहा गया है, दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र अधिनियम, 1991 (1 ऑफ 1992) की धारा 46ए की उपधारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केंद्र सरकार एतद्द्वारा 9 जनवरी, 2026 को वह तिथि नियुक्त करती है जिस दिन से उपराज्यपाल द्वारा या उनकी ओर से प्राप्त सभी अन्य सार्वजनिक धन ‘राजधानी का सार्वजनिक खाता’ नामक सार्वजनिक खाते में जमा किए जाएंगे।










































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































