पटना: बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने  प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की समीक्षा बैठक में घोषणा की कि राज्य के हर जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर पर एक- एक स्कूल को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जायेगा। उन्होंने दावा किया कि ये मॉडल स्कूल निजी स्कूलों से भी बेहतर सुविधाओं से लैस होंगे। 

बैठक में शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने निर्देश दिया कि जिन पंचायतों में अब तक उच्च माध्यमिक विद्यालय की सुविधा नहीं है, वहां जल्द से जल्द स्कूल चालू किये जायें। साथ ही उन्होंने शिक्षकों की वेतन विसंगतियों को दूर करने, छात्रों की संख्या के अनुसार शिक्षकों के रेशनलाइजेशन (समानुपातिक स्थानांतरण) और नियमानुसार प्रोन्नति देने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 58 प्रतिशत डीए और महंगाई भत्ता से वंचित शिक्षकों को तुरंत इसका लाभ उपलब्ध करवाया जाये। 

शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने विद्यालयों के नियमित निरीक्षण को अनिवार्य करते हुये कहा कि निरीक्षण प्रक्रिया में मुख्यालय के अधिकारी भी शामिल होंगे, जिससे व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। बैठक में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ बी राजेंद्र ने जिलों को लंबित शिक्षक रिक्तियों का विवरण जल्द भेजने का निर्देश दिया, जिससे नियुक्ति और तैनाती की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। 

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