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भारत से 50,000 टन चावल खरीदेगा बांग्लादेश। यूनुस सरकार ने आयात प्रस्ताव को दी मंजूरी। भारत-बांग्लादेश व्यापारिक संबंधों में मजबूती का संकेत। पूरी खबर पढ़ें।

हाइलाइट्स :

  • बांग्लादेश की अंतरिम यूनुस सरकार ने भारत से चावल खरीद को दी मंजूरी
  • 50,000 टन चावल आयात करने का फैसला
  • दोनों देशों के रिश्ते सुधारने की दिशा में अहम कदम
  • आर्थिक हितों को राजनीतिक बयानबाजी से अलग रखने की नीति
  • भारत-बांग्लादेश व्यापारिक सहयोग को मिलेगी नई मजबूती


नई दिल्ली। भारत-बांग्लादेश संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में बांग्लादेश की अंतरिम यूनुस सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। बांग्लादेश सरकार ने भारत से 50,000 टन चावल खरीदने के प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दे दी है।

बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के वित्त सलाहकार सालेहुद्दीन अहमद ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि यह कदम दोनों देशों के बीच व्यापारिक और कूटनीतिक रिश्तों को मजबूत करने में सहायक साबित होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार आर्थिक हितों को राजनीतिक बयानबाजी से अलग रखते हुए भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाने पर काम कर रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब बांग्लादेश में खाद्य सुरक्षा और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सरकार की प्राथमिकता बनी हुई है। भारत से चावल आयात करने से न केवल बांग्लादेश की घरेलू जरूरतें पूरी होंगी, बल्कि दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग भी बढ़ेगा।

यह सौदा दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय सहयोग और स्थिरता के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। भारत पहले से ही बांग्लादेश का एक प्रमुख व्यापारिक साझेदार है और यह निर्णय द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करने वाला साबित हो सकता है।

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