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टीवी की लोकप्रिय अभिनेत्री दीपिका कक्कड़ ने हाल ही में कॉमेडियन भारती सिंह और हर्ष लिंबाचिया के पॉडकास्ट में अपने लिवर कैंसर की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि उनके मामले में सबसे बड़ी राहत यह थी कि कैंसर केवल लिवर के ट्यूमर तक सीमित था और शरीर के अन्य हिस्सों में फैला नहीं था। इस वजह से डॉक्टरों ने उनके लिवर का केवल 22 प्रतिशत हिस्सा, यानी करीब 11 सेंटीमीटर, निकालकर ट्यूमर को हटाया। फिलहाल दीपिका कीमोथैरेपी ले रही हैं और रिपोर्ट्स सकारात्मक आ रही हैं।

लिवर का कितना हिस्सा निकाला जा सकता है
Harvard Medical School के अनुसार, लिवर शरीर के ऊपरी दाहिने हिस्से में स्थित होता है और इसका वजन वयस्क में लगभग 1.2 से 1.8 किलो होता है। मेडिकल रिसर्च बताती है कि किसी व्यक्ति के लिवर का 50–70 प्रतिशत हिस्सा सुरक्षित रूप से निकाला या डोनेट किया जा सकता है। लिवर की सबसे खास बात यह है कि यह खुद को फिर से बनाने की क्षमता रखता है।

लिवर का रिकवरी समय
लिवर अपने फंक्शनल साइज का आधा हिस्सा 7 से 10 दिन में पुनः बना लेता है। डेढ़ से दो महीने में लगभग 95 प्रतिशत लिवर पुनर्निर्मित हो जाता है और छह महीने में यह पूरी तरह से अपनी सामान्य कार्यक्षमता हासिल कर लेता है।

लिवर का महत्व
लिवर शरीर का सबसे बड़ा इनर ऑर्गन है और यह 500 से अधिक महत्वपूर्ण काम करता है। यह टॉक्सिन्स को शरीर से बाहर निकालता है, भोजन से ऊर्जा बनाता है, डाइजेशन में मदद करता है, खून को फिल्टर और स्टोर करता है, और रक्त जमने तथा इम्यूनिटी के लिए आवश्यक प्रोटीन बनाता है।

लिवर निकालने के बाद जीवन
एक्सपर्ट्स के अनुसार, लिवर का हिस्सा निकालने से जीवन सामान्य रूप से प्रभावित नहीं होता। डोनेट करने वाले व्यक्ति को 6–12 हफ्तों में नॉर्मल लाइफस्टाइल पर लौटने में सक्षम माना जाता है। रिसीवर के लिए भी यह समय समान होता है। लिवर की लंबी उम्र और स्वास्थ्य के लिए शराब और धूम्रपान से बचना, संतुलित आहार लेना, नियमित व्यायाम करना और समय-समय पर जांच कराना जरूरी है।

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