राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क

मथुरा से दिल्ली की ओर एनएच-19 के जरिए यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। छाता–कोसीकलां–पलवल–बल्लभगढ़–फरीदाबाद रूट पर अगले तीन दिनों तक रोडवेज बसें नहीं चलेंगी। कारण है—बागेश्वर पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री की ‘सनातन हिंदू एकता यात्रा’, जो कोसीकलां पहुंचते ही पूरे मार्ग पर भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी हो गई है। गुरुवार शाम यात्रा के उत्तर प्रदेश सीमा में प्रवेश करते ही जिला प्रशासन ने 13 से 16 नवंबर तक एनएच-19 पर दिल्ली की ओर जाने वाले हर प्रकार के वाहन पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके चलते सामान्य यातायात और बस सेवाएँ दोनों प्रभावित हुई हैं।

बसों का रूट पूरी तरह बदला
प्रशासन ने मथुरा डिपो को निर्देश दिया है कि दिल्ली जाने वाली सभी रोडवेज बसें- यमुना एक्सप्रेसवे, नोएडा,  दिल्ली के मार्ग से भेजी जाएँगी। यह बदलाव इसलिए लागू किया गया है ताकि बसें यात्रा में लगने वाले भारी जाम से बच सकें और यात्रियों को अनावश्यक परेशानी न हो।

यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं
मार्ग बदलने के बाद बसें लंबा चक्कर लगाकर दिल्ली पहुंच रही हैं। यात्रियों को देरी, बढ़ा हुआ सफर, और अलग पड़ावों का सामना करना पड़ रहा है। मथुरा डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक मदन मोहन शर्मा ने बताया कि नई व्यवस्था गुरुवार से लागू कर दी गई है और बसें एक्सप्रेसवे के रास्ते ही भेजी जा रही हैं।

17 नवंबर से सब कुछ सामान्य
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 17 नवंबर से सभी बसें दोबारा अपने पुराने रूट—एनएच-19—से चलना शुरू कर देंगी। तब तक यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि बदले हुए रूट और संभावित देरी को ध्यान में रखते हुए यात्रा प्लान करें।

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