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हाइलाइट्स :

  • नौसेना प्रमुख ने युवाओं को ‘जेन 2047’ कहकर संबोधित किया
  • विकसित भारत 2047 की जिम्मेदारी युवा पीढ़ी पर बताई
  • जीवन को समुद्र और लक्ष्य को रडार की संज्ञा दी
  • अपने संघर्षों का उदाहरण देकर युवाओं को प्रेरित किया

कानपुर। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी सर पदमपत सिंहानिया एजुकेशन सेंटर, कमला नगर में आयोजित समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम जेके समूह के 142 वर्ष पूरे होने और विद्यालय के 44वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित किया गया था।

उन्होंने युवाओं से कहा कि यदि 2047 एक चलचित्र है, तो आप उसके नायक, निर्माता या निर्देशक बनें। देश का भविष्य तभी मजबूत होगा जब युवा पीढ़ी अपने लक्ष्य, दृष्टिकोण और अनुशासन को स्पष्ट रखेगी।

एडमिरल त्रिपाठी ने उत्तर प्रदेश की वीरता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भूमि परमवीर चक्र विजेताओं की रही है। उन्होंने लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडे, नायक जदुनाथ सिंह, वीर अब्दुल हमीद और योगेंद्र सिंह यादव जैसे शूरवीरों को याद किया।

जीवन को समुद्र और लक्ष्य को रडार बताया

नौसेना प्रमुख ने कहा कि जीवन एक विशाल समुद्र की तरह है, जहां हर कदम पर चुनौतियां आती हैं। जैसे युद्धपोत का रडार अंधेरे और तूफान में दिशा दिखाता है, वैसे ही स्पष्ट लक्ष्य जीवन में सही मार्ग दिखाता है।

अपने संघर्षों से दी प्रेरणा

उन्होंने बताया कि उनकी शुरुआती शिक्षा मध्य प्रदेश के रीवा में हिंदी माध्यम से हुई। सैनिक स्कूल में जाने के बाद अंग्रेजी माध्यम एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें कभी कोई मेडल नहीं मिला और वे किसी शिक्षक के प्रिय छात्र भी नहीं थे, लेकिन मेहनत और अनुशासन से सफलता हासिल की।

लखनऊ में बनेगा नौसेना शौर्य संग्रहालय

एडमिरल त्रिपाठी ने जानकारी दी कि लखनऊ में नौसेना शौर्य संग्रहालय बनाया जा रहा है, जो न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे भारत के लिए एक आदर्श केंद्र बनेगा। इसमें भारतीय नौसेना के गौरवशाली इतिहास को प्रदर्शित किया जाएगा।

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