राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान, बीएसएफ ने 118 से ज़्यादा पाकिस्तानी चौकियाँ तबाह कर दीं और उनकी पूरी निगरानी प्रणाली को ध्वस्त कर दिया। बीएसएफ ने सटीक खुफिया जानकारी और कम से कम समय में अधिकतम नुकसान पहुँचाने की तैयारी के साथ पाकिस्तान के हमले का जवाब दिया। राष्ट्र उन सतर्क और समर्पित बीएसएफ कर्मियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता है जो चुनौतीपूर्ण सीमाओं पर चौबीसों घंटे सतर्क रहते हैं।ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान ‘‘विशिष्ट बहादुरी’’ और ‘‘अद्वितीय साहस’’ का प्रदर्शन करने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के 16 कर्मियों को वीरता पदक से सम्मानित किया गया है। अर्धसैनिक बल बीएसएफ देश के पश्चिमी हिस्से में भारत-पाकिस्तान सीमा की रक्षा करने का दायित्व निभा रहा है।बीएसएफ ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘इस स्वतंत्रता दिवस पर 16 बहादुर सीमा प्रहरियों को ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान दृढ़ और अडिग रहने, उनकी विशिष्ट बहादुरी और अद्वितीय साहस के लिए वीरता पदक से सम्मानित किया जा रहा है। उसने कहा, ‘‘पदक भारत की पहली रक्षा पंक्ति: सीमा सुरक्षा बल में व्यक्त राष्ट्र के विश्वास और भरोसे का प्रमाण हैं।’’ पदक विजेताओं में एक डिप्टी कमांडेंट रैंक के अधिकारी, दो सहायक कमांडेंट और एक इंस्पेक्टर शामिल हैं।
16 बीएसएफ कर्मियों को वीरता पदक से सम्मानित किया गया: पूरी सूची देखें
पदक विजेताओं में एक डिप्टी कमांडेंट रैंक का अधिकारी, दो सहायक कमांडेंट और एक इंस्पेक्टर शामिल हैं।
सब इंस्पेक्टर व्यास देव
कांस्टेबल सुद्दी राभा
अभिषेक श्रीवास्तव, सहायक कमांडेंट
कांस्टेबल भूपेंद्र बाजपेयी
कांस्टेबल राजन कुमार
कांस्टेबल बसवराज शिवप्पा सुनकड़ा
हेड कांस्टेबल बृज मोहन सिंह
कांस्टेबल देपेश्वर बर्मन
इंस्पेक्टर उदय वीर सिंह
रवींद्र राठौर, उप कमांडेंट
इंस्पेक्टर देवी लाल
हेड कांस्टेबल साहिब सिंह
कांस्टेबल कंवराज सिंह
एएसआई राजप्पा बी टी
कांस्टेबल मनोहर क्साल्क्सो
आलोक नेगी, सहायक कमांडेंट
ऑपरेशन सिन्दूर के तहत भारत ने 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में सात से 10 मई तक पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था। पहलगाम आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गए थे जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे।

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