राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क

अमेरिका के Department of Homeland Security (DHS) ने घोषणा की है कि अब ऑटोमैटिक एक्सटेंशन की सुविधा समाप्त कर दी गई है, जिसके अनुसार विदेशियों को अपने वर्क परमिट (Employment Authorization Documents   EAD) के लिए रिन्यूअल आवेदन देने पर स्वचालित रूप से जारी रखा जाता था। यह नया नियम 30 अक्टूबर 2025 से लागू हो गया है। पुराने नियम के तहत, जब कोई विदेशी EAD रिन्यूअल के लिए समय पर आवेदन करता था, तो रिन्यूअल मंजूर होने तक अब: यदि आवेदन 30 अक्टूबर 2025 या उसके बाद किया गया है, तो स्वचालित एक्सटेंशन नहीं मिलेगा। वर्तमान EAD की अवधि समाप्त होने के बाद पुनः स्वीकृति मिलने तक काम करना वैध नहीं रहेगा। कुछ श्रेणियों (जैसे TPS धारक) को इस नियम से अपवाद मिल सकता है। 
 
 

किन लोगों को असर होगा?

इस परिवर्तन से खासकर ये श्रेणियाँ प्रभावित होंगी 

  • H‑1B visa धारकों के H-4 वीज़ा पर काम करने वाले सहयोगी / जीवनसाथी। 
  • F‑1 visa स्टूडेंट्स जो STEM OPT कार्यक्रम में हैं। 
  • ग्रीन कार्ड के लिए इंतजार कर रहे कर्मचारी जिनका वर्तमान काम परमिट निर्भर है। 

  
इस बदलाव से  विशेष रूप से, भारतीय मूल के पेशेवरों पर इस नियम का बहुत बड़ा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है क्योंकि वे अमेरिका में तकनीकी, शोध, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। DHS ने कहा है कि यह कदम “विदेशी कामगारों के पुनः परमिट देने से पहले बेहतर स्क्रीनिंग और सत्यापन सुनिश्चित करने” के लिए उठाया गया है। यूएससीआईएस के निदेशक Joseph Edlow ने कहा कि “संयुक्त राज्य में काम करना – एक अधिकार नहीं बल्कि एक विशेषाधिकार है।” 

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