इलाहाबाद हाई कोर्ट जिला जज अवमानना मामला, प्रयागराज हाई कोर्ट आदेश, उत्तर प्रदेश न्यायिक खबर, जिला जज रिपोर्ट विवाद, हाई कोर्ट सख्ती 2026, Allahabad High Court News, Prayagraj High Court Order, UP Judiciary News, District Judge Contempt Case UP, Judicial Discipline News India,इलाहाबाद हाई कोर्ट बिल्डिंग फोटो, प्रयागराज कोर्ट परिसर, जिला जज अवमानना मामला, हाई कोर्ट सुनवाई दृश्य, Allahabad High Court Building Image, Prayagraj Court News Photo, UP Judiciary Hearing Visual,प्रयागराज जिला न्यायालय समाचार, उत्तर प्रदेश हाई कोर्ट आदेश, न्यायिक प्रशासनिक कार्रवाई यूपी, जिला जज अनुशासनात्मक मामला, उत्तर प्रदेश न्यायपालिका विवाद खबर, Prayagraj District Court News, Uttar Pradesh Judiciary Administrative Action, UP High Court Contempt Proceedings, Legal News Uttar Pradesh District Judges, Court Order Compliance Issue UP,#इलाहाबादहाईकोर्ट, #PrayagrajNews, #UPJudiciary, #DistrictJudgeCase, #HighCourtOrder, #JudicialDiscipline, #LegalNewsIndia, #BreakingNewsUP

उत्तर प्रदेश में न्यायिक अनुशासन को लेकर बड़ा संदेश। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आदेश की अनसुनी करने वाले जिला जजों को फटकार लगाई और इसे घोर लापरवाही व संभावित अवमानना माना। 26 जिला जजों ने रिपोर्ट दाखिल नहीं की। “पढ़ें पूरी रिपोर्ट….

हाइलाइट्स:

  • हाई कोर्ट ने जिला जजों की लापरवाही पर जताई नाराजगी
  • चार जिला जजों की रिपोर्ट से कोर्ट संतुष्ट
  • 26 जिला जजों ने रिपोर्ट नहीं दी
  • एक सप्ताह में 16 दिसंबर 2025 के आदेश का अनुपालन करने का निर्देश
  • अगली सुनवाई 27 फरवरी को

इलाहाबाद। इलाहाबाद हाई कोर्ट जिला जज अवमानना मामला प्रदेश की न्यायिक व्यवस्था में अनुशासन और जवाबदेही से जुड़ा अहम मुद्दा बन गया है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अपने आदेश की अनदेखी करने वाले कई जिला जजों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए इसे घोर लापरवाही और संभावित अवमानना माना है।

क्या था मामला?

हाई कोर्ट ने 16 दिसंबर 2025 को आदेश दिया था कि वर्ष 2004 से 2024 तक दाखिल उन पुलिस चार्जशीट का वर्षवार विवरण प्रस्तुत किया जाए, जिनमें अब तक अदालत ने चार्ज फ्रेम नहीं किया है।

कोर्ट के समक्ष आई रिपोर्टों में पाया गया कि कई जिला जजों ने या तो अधूरी जानकारी दी या फिर रिपोर्ट ही दाखिल नहीं की। कुछ मामलों में स्वयं रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बजाय इंचार्ज अधिकारी से रिपोर्ट भिजवा दी गई।

किन जिला जजों की रिपोर्ट से संतोष?

हाई कोर्ट ने आगरा, अयोध्या, बुलंदशहर और फर्रुखाबाद के जिला जजों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट को संतोषजनक बताया। विशेष रूप से आगरा जिला जज की रिपोर्ट की सराहना करते हुए अन्य जिला जजों को उनसे सीख लेने की नसीहत दी गई।

26 जिला जजों ने रिपोर्ट नहीं दी

कोर्ट ने उल्लेख किया कि प्रदेश के 75 जिलों में से 49 जिला जजों ने रिपोर्ट दी, जबकि 26 जिला जजों ने रिपोर्ट दाखिल ही नहीं की। बरेली और गोंडा को छोड़कर किसी ने समय विस्तार भी नहीं मांगा।

कोर्ट की तल्ख टिप्पणी

न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की एकल पीठ ने उर्मिला मिश्रा व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि जिला जज या तो आदेश को समझ नहीं पाए या मांगी गई जानकारी देने में विफल रहे।

कोर्ट ने टिप्पणी की कि इस प्रकार का आचरण न्यायिक अनुशासन, अदालत की प्रभुता और न्याय प्रशासन के मूल सिद्धांतों को प्रभावित करता है। साथ ही कहा कि समय आने पर अवमानना के पहलू पर भी विचार किया जाएगा।

अगली सुनवाई कब?

मामले की अगली सुनवाई 27 फरवरी को निर्धारित की गई है। सभी संबंधित जिला जजों को एक सप्ताह के भीतर आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”

Tags:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *