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प्रधानमंत्री कार्यालय 13 फरवरी 2026 से नए परिसर ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट होगा। पीएम नरेंद्र मोदी कर्तव्य भवन-1 और 2 का उद्घाटन करेंगे। जानिए सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत बने इस आधुनिक प्रशासनिक केंद्र की खासियतें और लागत।”

हाईलाइट :

  • 13 फरवरी 2026 को ‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन
  • एक ही परिसर में PMO, NSCS और कैबिनेट सचिवालय
  • कर्तव्य भवन-1 और 2 में प्रमुख मंत्रालय होंगे स्थानांतरित
  • 4-स्टार GRIHA मानकों के अनुसार डिजाइन
  • सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना का हिस्सा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) 13 फरवरी 2026 से अपने नए परिसर ‘सेवा तीर्थ’ से कार्य करना शुरू करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार शाम लगभग 6 बजे ‘सेवा तीर्थ’ तथा ‘कर्तव्य भवन-1 और 2’ का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इससे पहले वे दोपहर में भवन परिसर के नाम ‘सेवा तीर्थ’ का अनावरण करेंगे।

प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह कदम भारत के प्रशासनिक शासन ढांचे में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। अब तक कई मंत्रालय और प्रमुख सरकारी कार्यालय सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में अलग-अलग और पुरानी इमारतों में संचालित हो रहे थे, जिससे समन्वय की कमी, रखरखाव का बढ़ता खर्च और कार्यक्षमता में बाधाएं आती थीं।

नया परिसर इन चुनौतियों को दूर करते हुए सभी प्रमुख प्रशासनिक इकाइयों को आधुनिक सुविधाओं के साथ एक ही स्थान पर समाहित करेगा।

‘सेवा तीर्थ’ में कौन-कौन से कार्यालय

‘सेवा तीर्थ’ (एग्जीक्यूटिव एनक्लेव) में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) और कैबिनेट सचिवालय स्थित होंगे। ये कार्यालय पहले अलग-अलग भवनों में कार्यरत थे।

कर्तव्य भवन-1 और 2 में प्रमुख मंत्रालय

कर्तव्य भवन-1 और 2 में वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, कॉर्पोरेट मामलों, शिक्षा, संस्कृति, कानून एवं न्याय, सूचना एवं प्रसारण, कृषि एवं किसान कल्याण, रसायन एवं उर्वरक तथा जनजातीय मामलों के मंत्रालय स्थानांतरित किए जाएंगे।

इन भवनों में डिजिटल रूप से जुड़े कार्यालय, सुव्यवस्थित जन-इंटरफेस क्षेत्र और केंद्रीय स्वागत सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

पर्यावरण अनुकूल और सुरक्षित ढांचा

परिसरों को 4-स्टार GRIHA मानकों के अनुसार डिजाइन किया गया है। इनमें सौर ऊर्जा प्रणाली, जल संरक्षण उपाय, कचरा प्रबंधन और ऊर्जा दक्ष बाहरी संरचना जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

सुरक्षा के लिहाज से स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल, सीसीटीवी नेटवर्क और उन्नत आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र स्थापित किए गए हैं।

1,189 करोड़ रुपये की लागत

‘सेवा तीर्थ’ परिसर का निर्माण लार्सन एंड टुब्रो (L&T) द्वारा लगभग 1,189 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। यह परिसर 2,26,203 वर्ग फुट में फैला है। प्रधानमंत्री के लिए नया आधिकारिक आवास भी ‘एग्जीक्यूटिव एनक्लेव पार्ट-2’ के तहत निर्माणाधीन है, जिसके पूरा होने के बाद वे 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित वर्तमान आवास से स्थानांतरित होंगे।

सेंट्रल विस्टा परियोजना का हिस्सा

कर्तव्य भवन और सेवा तीर्थ केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना का हिस्सा हैं। इस परियोजना में नया संसद भवन, सामान्य केंद्रीय सचिवालय की 10 इमारतें, सेंट्रल विस्टा एवेन्यू का पुनर्विकास और नॉर्थ व साउथ ब्लॉक को संग्रहालयों में परिवर्तित करने की योजना शामिल है।

परियोजना का उद्देश्य राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक फैले 3 किलोमीटर लंबे कर्तव्य पथ का कायाकल्प करना और प्रशासनिक ढांचे को आधुनिक स्वरूप देना है।

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