पाकिस्तान से एक और युद्ध की तैयारी कर रहा भारत—पाक राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी का बड़ा आरोप। सिंधु जल संधि पर रोक को ‘हाइड्रो-टेररिज्म’ बताया, कश्मीर मुद्दे पर बातचीत की पेशकश।
हाइलाइट्स:
- जरदारी ने भारत पर एक और युद्ध की तैयारी का आरोप लगाया
- सिंधु जल संधि पर रोक को ‘हाइड्रो-टेररिज्म’ बताया
- कश्मीर मुद्दे पर बातचीत की पेशकश
- क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा पर दिया बयान
नई दिल्ली, 3 मार्च। पाकिस्तान के राष्ट्रपति Asif Ali Zardari ने भारत पर एक और युद्ध की तैयारी करने का आरोप लगाया है। साथ ही उन्होंने सिंधु जल संधि पर भारत की ओर से कथित रोक को “हाइड्रो-टेररिज्म” करार दिया है।
‘जंग नहीं, बातचीत का रास्ता अपनाए भारत’
जरदारी ने कहा कि भारतीय नेतृत्व की ओर से जंग की तैयारी संबंधी बयान दिए जा रहे हैं, जो क्षेत्रीय शांति के लिए ठीक नहीं हैं। उन्होंने कहा, “हम हमेशा से इलाके में अमन के समर्थक रहे हैं। मैं जंग की सलाह नहीं दूंगा।”
उन्होंने भारत से अपील की कि वह युद्ध की भाषा छोड़कर सार्थक बातचीत की मेज पर आए। उनके मुताबिक, दक्षिण एशिया में स्थायी शांति का रास्ता संवाद से ही निकल सकता है।
कश्मीर मुद्दे पर दोहराया रुख
पाक राष्ट्रपति ने जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जब तक इसका समाधान नहीं होगा, तब तक दक्षिण एशिया में स्थिरता मुश्किल है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान कश्मीर के लोगों को कूटनीतिक और नैतिक समर्थन देता रहेगा।
सिंधु जल संधि पर तीखी टिप्पणी
जरदारी ने Indus Waters Treaty पर भारत के रुख की आलोचना करते हुए इसे “हाइड्रो-टेररिज्म” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत पानी के बहाव को राजनीतिक लाभ के लिए हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है।
गौरतलब है कि 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व बैंक की मध्यस्थता में यह संधि हुई थी, जो दोनों देशों के बीच जल बंटवारे का आधार है।
क्षेत्रीय तनाव पर बढ़ी चिंता
हाल के महीनों में भारत-पाकिस्तान संबंधों में तल्खी बढ़ी है। सीमा पर घटनाओं और कूटनीतिक बयानबाजी के बीच क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी बढ़ी है।
भारत की ओर से फिलहाल जरदारी के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, नई दिल्ली पहले भी स्पष्ट कर चुका है कि वह किसी भी विवाद का समाधान आतंकवाद और हिंसा से मुक्त वातावरण में बातचीत के जरिए चाहता है।
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