नसीमुद्दीन सिद्दीकी सपा में शामिल, यूपी राजनीति खबर, अखिलेश यादव सपा, कांग्रेस इस्तीफा यूपी, पश्चिम यूपी मुस्लिम वोट बैंक, Naseemuddin Siddiqui joins SP, UP Political News 2026, Akhilesh Yadav Samajwadi Party, Congress Leader Resigns UP, Uttar Pradesh Assembly Election 2027,नसीमुद्दीन सिद्दीकी कांग्रेस इस्तीफा, सपा जॉइनिंग कार्यक्रम लखनऊ, पश्चिम यूपी राजनीति, बसपा से कांग्रेस और सपा, UP Muslim Leader Political Shift, Naseemuddin Political Career, Samajwadi Party Update UP, Congress Leaders Quit UP, 2027 UP Election News,उत्तर प्रदेश राजनीतिक समाचार 2026, लखनऊ सियासी हलचल, सहारनपुर राजनीतिक अपडेट, अखिलेश यादव संगठन विस्तार, Uttar Pradesh Political Breaking News, Lucknow SP Joining Event, West UP Political Shift News, Naseemuddin Siddiqui Latest Update UP, Congress vs SP Politics UP,#NaseemuddinSiddiqui, #SamajwadiParty, #AkhileshYadav, #UPPolitics, #CongressNews, #WestUP, #UPAssembly2027, #PoliticalBreaking, #LucknowNews,

नसीमुद्दीन सिद्दीकी सपा में शामिल होने जा रहे हैं। 24 जनवरी को कांग्रेस छोड़ने वाले यूपी के वरिष्ठ मुस्लिम नेता ने अखिलेश यादव से बातचीत के बाद समाजवादी पार्टी जॉइन करने का फैसला किया है। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम यूपी की राजनीति में बड़ा असर।

हाइलाइट्स:

  • नसीमुद्दीन सिद्दीकी सपा में शामिल होने का फैसला
  • 24 जनवरी को कांग्रेस से दिया था इस्तीफा
  • अखिलेश यादव से कई दौर की बातचीत
  • पश्चिम यूपी में अहम जिम्मेदारी मिलने के संकेत
  • 73 कांग्रेस नेताओं ने भी छोड़ी थी पार्टी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। प्रदेश के कद्दावर मुस्लिम नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी अब समाजवादी पार्टी में शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि शुक्रवार शाम तक इसका आधिकारिक ऐलान किया जा सकता है।

सूत्रों के मुताबिक, सिद्दीकी की अखिलेश यादव से कई दौर की बातचीत हो चुकी है। 15 से 20 फरवरी के बीच लखनऊ में अखिलेश यादव स्वयं उन्हें पार्टी की सदस्यता दिला सकते हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उन्हें अहम जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है।

24 जनवरी को छोड़ी थी कांग्रेस

नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने 24 जनवरी को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे में उन्होंने लिखा था कि वे कांग्रेस में जातिवाद और संप्रदायवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने आए थे, लेकिन आठ साल तक जमीन पर सक्रिय भूमिका नहीं मिल सकी।

उन्होंने कहा था कि वे “फिरकापरस्तों को हराने वाली पार्टी” में शामिल होंगे या नई पार्टी बनाएंगे। उनके साथ 73 अन्य नेताओं ने भी कांग्रेस छोड़ी थी, जिनमें कई पूर्व विधायक शामिल हैं।

कांग्रेस में बढ़ती अंदरूनी असहमति

सूत्रों के अनुसार, 2024 लोकसभा चुनाव में तवज्जो न मिलने और प्रदेश नेतृत्व में अपनी भूमिका सीमित होने से सिद्दीकी असंतुष्ट थे। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का बढ़ता प्रभाव भी उनकी नाराजगी का कारण माना जा रहा है।

बताया जाता है कि एयरपोर्ट पर राहुल गांधी के स्वागत कार्यक्रम के दौरान भी उन्हें अपेक्षित महत्व नहीं मिला था। हालांकि, इस्तीफे में उन्होंने राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी के प्रति सम्मान व्यक्त किया था।

बसपा से कांग्रेस और अब सपा

नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने अपनी राजनीतिक पारी बहुजन समाज पार्टी से शुरू की थी और मायावती सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे। 2017 में बसपा से निष्कासन के बाद 2018 में वे कांग्रेस में शामिल हुए थे।

पश्चिमी यूपी के मुस्लिम वोट बैंक में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। ऐसे में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले उनका सपा में शामिल होना प्रदेश की राजनीति में अहम माना जा रहा है।

फिलहाल, सपा की ओर से औपचारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे बड़ा रणनीतिक कदम माना जा रहा है।

“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *