Konarak Naval Base Attack, कोनार्क नेवल बेस हमला, US Israel Iran strike 2026, America Israel attack on Iran, Iran naval base damage news, Middle East military tension update, ओमान की खाड़ी सैन्य खबर, Iran Israel missile conflict news,Konarak Naval Base satellite image, कोनार्क नेवल बेस सैटेलाइट फोटो, Iran naval ships sunk image, ओमान की खाड़ी सैन्य बेस फोटो, US Israel airstrike image,कोनार्क सिस्तान-बलूचिस्तान ईरान रक्षा समाचार, Konarak Sistan and Baluchestan Iran defense news, ओमान की खाड़ी क्षेत्र सैन्य अपडेट, Gulf of Oman regional military update, ईरान नौसैनिक अड्डा हमला अंतरराष्ट्रीय खबर, Iran naval base attack international news, US Israel joint operation Middle East 2026 defense news, पश्चिम एशिया युद्ध ताजा समाचार 2026,

Konarak Naval Base Attack में US-इजरायल ने ईरान के Konarak Naval Base को निशाना बनाया। सैटेलाइट इमेज में 3 जहाज डूबने और कई इमारतें तबाह होने की पुष्टि। मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ा।

नई दिल्ली। अमेरिका और इजरायल ने ईरान के दक्षिणी तट पर स्थित Konarak Naval Base पर बड़ा हमला किया है। ओमान की खाड़ी के पास स्थित इस नौसैनिक अड्डे पर हुए हमले में ईरान के तीन जहाज डूबने और कई इमारतों के तबाह होने की खबर है।

रविवार को जारी ताजा सैटेलाइट तस्वीरों में बेस परिसर के भीतर क्षतिग्रस्त ढांचे और जली हुई संरचनाएं दिखाई दे रही हैं। हालांकि नुकसान और सैन्य क्षति को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक आकलन सार्वजनिक नहीं किया गया है।

खामेनेई की मौत के बाद बढ़ा तनाव

इससे पहले संयुक्त अमेरिकी-इजरायली हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत की खबर सामने आई थी। इसके बाद से क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ा है।

अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के विभिन्न ठिकानों पर हमले किए गए, जिसके जवाब में ईरान ने भी मिसाइल हमले किए हैं। दोनों पक्षों के बीच हमलों का सिलसिला जारी है।

‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत कार्रवाई

अमेरिका लंबे समय से ईरान पर परमाणु गतिविधियों को लेकर दबाव बना रहा था। इसी क्रम में अमेरिकी कार्रवाई को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम दिया गया है, जिसमें इजरायल ने सहयोग किया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने जवाबी कार्रवाई में कई देशों में स्थित अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया है। लगातार हो रहे हमलों के बीच मिडिल ईस्ट में व्यापक अस्थिरता की आशंका बढ़ गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सैन्य टकराव लंबा खिंचता है तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।

“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *