लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सोमवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्यों ने कोडीन कफ़ सिरप के कथित अवैध कारोबार को लेकर हंगामा किया और अध्यक्ष के आसन के सामने आकर सरकार विरोधी नारे लगाए। विधानसभा सत्र की शुरुआत में प्रश्नकाल के समय नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा ”कोडीन का मामला पूरे प्रदेश में जाल की तरह फैला है और यह बहुत दिनों से चल रहा है, डब्‍लूएचओ ने भी इसका संज्ञान लिया है।” इस पर सरकार ने भी जवाब दिया है। 

सैकड़ों बच्‍चों की गई जानः विपक्ष 
विधानसभा सत्र की शुरुआत में प्रश्नकाल के समय नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा ”कोडीन का मामला पूरे प्रदेश में जाल की तरह फैला है और यह बहुत दिनों से चल रहा है, डब्‍लूएचओ ने भी इसका संज्ञान लिया है।” उन्‍होंने आरोप लगाया कि इसके सेवन से सैकड़ों बच्‍चों की जान गई है और हजारों करोड़ रुपये का धंधा भी हुआ है। 

‘इसकी जानकारी सरकार को पहले हो जानी चाहिए थी’
पांडेय ने कहा ”इसकी जानकारी सरकार को पहले हो जानी चाहिए थी। सरकार के पास इंटेलिजेंस है, सरकार के पास खुफिया एजेंसियां हैं, इनको पहले इसकी जानकारी हो जाती और उस हिसाब से कार्रवाई की गई होती तो सैकड़ों बच्‍चों की जान को बचाया जा सकता था।” नेता प्रतिपक्ष ने कहा ”आरोप प्रत्‍यारोप चल रहा है तो इस पर चर्चा करा लें और मुख्‍यमंत्री सरकार का पक्ष स्पष्ट करें। कहा जा रहा है कि इसमें सपा के लोग हैं तो मेरी मांग है कि अगर सपा के लोग हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन साथ ही जो दूसरे लोग इसमें शामिल हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।” उन्‍होंने इस पर चर्चा कराए जाने की मांग की। 

‘एक भी बच्चे की मौत नहीं हुई’
संसदीय कार्य व‍ वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्‍ना ने कहा ”उप्र में इससे एक भी मौत नहीं हुई है, ये जो आरोप लगा रहे हैं गलत है।” खन्‍ना ने कहा ”कोडीन के मुद्दे पर चर्चा के लिए सरकार तैयार है। बड़े पैमाने पर लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। विपक्ष के पास नकारात्‍मक सोच के अलावा कोई एजेंडा नहीं है। केवल नकारात्मकता फैलाना और समाज को गुमराह करना इनका एजेंडा है।

सीएम योगी ने दिया जबाव 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में जवाब देते हुए कहा कि कोडीन कफ सिरप कांड की वजह से प्रदेश में एक भी मौत नहीं हुई है। मौत के मामले अन्य राज्यों में सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश में सिरप से एक भी मौत नहीं हुई है। पूरा मामला इलीगल डायवर्जन का है जिसमें कुछ लोगों के नाम जांच में सामने आए हैं। समय आने पर उन पर बुलडोजर एक्शन लिया जाएगा और तब चिल्लाना मत। 

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