उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को एक औपचारिक निर्देश जारी कर राज्य सरकार की सभी भर्तियों में आरक्षण को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार जारी इस आदेश में इस बात पर जोर दिया गया है कि ओबीसी, एससी, एसटी और ईडब्ल्यूएस श्रेणियों के लिए आरक्षण नियमों के अनुसार सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। सभी अतिरिक्त मुख्य सचिवों और प्रधान सचिवों को अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। प्रधान सचिव (नियुक्ति एवं कार्मिक) एम. देवराज द्वारा जारी इस आदेश में महिलाओं, दिव्यांगजनों और पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण के सख्त कार्यान्वयन पर भी जोर दिया गया है।

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि आरक्षण प्रावधानों का पालन न करने पर कोई रियायत नहीं दी जाएगी। इससे पहले, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को राज्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) में निवेश और इसके उपयोग का आह्वान करते हुए कहा कि 2025 को प्रौद्योगिकी और डेटा में नवाचार के लिए याद किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के नागरिकों को लिखे एक खुले पत्र में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि लखनऊ और नोएडा में ‘एआई सिटी’ स्थापित करने की तैयारियां चल रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि ‘एआई प्रज्ञा’ पहल के तहत 10 लाख नागरिकों को एआई प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

एक्स पर साझा किए गए पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा, “यह अंग्रेजी वर्ष 2026 में प्रवेश करने का समय है। वर्ष 2025 को प्रौद्योगिकी, एआई और डेटा में नवाचार के नए मानदंड स्थापित करने के लिए याद किया जाएगा। उत्तर प्रदेश प्रगतिशील विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है। राज्य में सुशासन ने ‘यूपी ब्रांड’ को विश्व स्तर पर सशक्त बनाया है। उत्तर प्रदेश अब निवेशकों के लिए विश्वास का राज्य बन गया है। लखनऊ और नोएडा में ‘एआई सिटी’ स्थापित करने की तैयारियां चल रही हैं। जेवर में 3,700 करोड़ रुपये की लागत से एक सेमीकंडक्टर यूनिट का निर्माण किया जा रहा है। ‘स्वदेशी केंद्र’ और सुरक्षित डेटा पर केंद्रित डेटा सेंटर नीति की सफलता अब नजर आने लगी है। पांच हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्कों का व्यावसायिक उपयोग शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री योगी ने आगे कहा कि डेटा सेंटर क्षेत्र में 30,000 करोड़ रुपये का निवेश करने का लक्ष्य है।

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