
राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का बजट विधेयक प्रतिनिधि सभा में अंतिम मतदान के बाद कानून बनने के लिए तैयार है। अब राष्ट्रपति आज यानी शुक्रवार को एक समारोह के दौरान इस विधेयक पर हस्ताक्षर कर इसे कानून बनाने के लिए तैयार हैं। ट्रंप प्रशासन के लिए इस विधेयक को पारित करना आसान नहीं रहा है। इस विधेयक के कारण सामाजिक कार्यक्रमों और व्यय के स्तर को लेकर ट्रम्प की अपनी रिपब्लिकन पार्टी के कुछ सांसदों से भी ठन गई है, जो कांग्रेस के दोनों सदनों को नियंत्रित करते हैं।कांग्रेस के बजट कार्यालय का अनुमान है कि इस विधेयक के कारण अगले 10 वर्षों में संघीय घाटे में 3.3 ट्रिलियन डॉलर की वृद्धि हो सकती है। इस बिल के कानून बनने से लाखों लोग स्वास्थ्य बीमा से वंचित हो सकते हैं। हालांकि इन पूर्वानुमानों को व्हाइट हाउस सिरे से खारिज करता रहा है। इस हफ्ते की शुरुआत में अमेरिकी सीनेट में मतदान के दौरान, उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस को विधेयक पारित करने के लिए टाई-ब्रेकिंग वोट डालने के लिए मजबूर होना पड़ा। सदन में वोटिंग के दौरान विधेयक की संभावनाओं को लेकर सांसद अनिश्चित दिखे। हालांकि गुरुवार को घंटों की बहस के बाद रिपब्लिकन पार्टी के विद्रोही आखिरकार इसके पक्ष में आ गए। अपने पहले कार्यकाल के दौरान, ट्रम्प ने कर कटौती और रोजगार अधिनियम पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत अधिकांश आय वर्गों के निगमों और व्यक्तियों के लिए करों में कमी की गई थी। ट्रम्प ने इस कानून को आर्थिक विकास को बढ़ावा देने वाला बताया था, लेकिन विशेषज्ञों का तर्क है कि इससे सबसे अधिक लाभ धनी अमेरिकियों को हुआ है। 2017 में लागू कनून के मुख्य प्रावधान दिसंबर में समाप्त होने वाले हैं, नए बिग ब्यूटीफल बिल का उद्देश्य उन कर कटौतियों को स्थायी बनाना है। इस बिल के कानून बनने से 2028 तक आम लोगों के लिए मानक कटौती में 1,000 डॉलर और विवाहित जोड़ों के लिए 2000 डॉलर का इजाफा होगा।इस बिल के कानून बनने से अमेरिकियों को मिलने वाली मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं में भारी कटौती हो सकती है। इस बिल के जरिए रिपब्लिकंस ने मेडिकेड के लिए अतिरिक्त प्रतिबंध और आवश्यकताएं जोड़ दी हैं। मेडिकेड एक ऐसा स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम है जिस पर लाखों विकलांग और निम्न आय वाले अमेरिकी निर्भर हैं। मेडिकेड में परिवर्तन- जो संघीय व्यय का सबसे बड़ा घटक है। यह अमेरिका में राजनीतिक विवाद का एक बड़ा कारण रहा है। मेडिकेड में एक बड़े बदलाव के तहत उन निःसंतान वयस्कों के लिए काम की अधिक आवश्यकता तय की गई है, जो बिना किसी विकलांगता के हैं। बिल के अनुसार, मेडिकेड योग्यता प्राप्त करने के लिए, उन्हें दिसंबर 2026 से प्रति माह कम से कम 80 घंटे काम करना होगा। कार्यक्रम में प्रस्तावित एक और बदलाव यह है कि मेडिकेड के लिए अब साल में एक बार की जगह दो बार यानी हर छह महीने में रीइनरॉलमेंट कराना होगा। नामांकन कराने वालों को अतिरिक्त आय और निवास के सत्यापन का भी प्रमाण देना होगा। कांग्रेस के बजट कार्यालय के अनुमानों के मुताबिक प्रस्तावित बदलावों के कारण अगले दशक के अंत तक लगभग 12 मिलियन अमेरिकी अपना स्वास्थ्य कवरेज खो सकते हैं।