राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सरकार और विपक्ष से आज से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र के दौरान रचनात्मक बहस में शामिल होने का आह्वान किया। मायावती ने एक्स पर लिखा कि संसद का आज से शुरू हो रहा बहुप्रतीक्षित सत्र, पिछले सत्रों की तरह देशहित व जनहित के अहम् और अति-ज़रूरी मुद्दों पर उचित एवं समुचित बहस तथा किसी बेहतर परिणाम के बिना ही, सरकार और विपक्ष के बीच टकराव, आरोप-प्रत्यारोप, हंगामा तथा देश के करोड़ों ग़रीब व अन्य मेहनतकश बहुजनों के थोड़े ’अच्छे दिन’ की ओर सही से आगे बढ़ने के भरोसे के बेगै़र ज़्यादातर निराश करने वाला ना हो, इसकी सभी देशवासियों को चिन्ता स्वाभाविक है।मायावती ने आगे लिखा कि वैसे भी देश के सामने ज़बरदस्त महंगाई, ग़रीबी व बेरोज़गारी, महिला असुरक्षा तथा ख़ासकर क्षेत्र व भाषा आदि को लेकर बढ़ता आपसी विवाद व हिंसक टकराव आदि के जनहित की समस्यायें के साथ ही आन्तरिक व बाहरी/सीमा सुरक्षा जैसी देशहित के मुद्दे लोगों की सुख-शान्ति व समृद्धि के संघर्ष को प्रभावित कर रहे हैं। इन मामलों पर सार्थक बहस के आधार पर आगे की दीर्घकालीन ठोस नीति व रणनीति बनाकर उन पर अमल के लिए संसद का सुचारू रूप से संचालन जनता ज़रूरी समझती है, ताकि देश विकास व लोग तरक्की के रास्ते पर सही/आसानी से चल सके, जिसमें ही देश के सर्वसमाज एवं बहुजनों का हित निहित है।उन्होंने कहा कि इसके अलावा, विश्व के राजनीतिक व आर्थिक हालात जिस तेज़ी से लगातार नई करवटें बदल रहे हैं उसमें भारत सहित विभिन्न देशों के लोकतंत्र व उसकी संप्रभूता आदि को नई चुनौतियाँ एवं नया ख़तरा भी मंडलाने लगा है, जिसके प्रति भारत सरकार की अपनी राजनीतिक सजगता व कुशलता ही काफी नहीं है, बल्कि उसका सही से मुकाबला करने के लिए सरकार अगर विपक्ष के माध्यम से पूरे देश की जनता को विश्वास में लेकर आगे बढ़े तो यह उचित होगा। वास्तव में सरकार और विपक्ष दोनों पार्टी हित से ऊपर उठकर इन मुद्दों पर एकता बनायें, यही देश के बहुजनों की चाहत है। मायावती ने कहा कि इसके साथ ही, संसद के वर्तमान मानसून सत्र के दौरान पहलगाम नरसंहार के मामले में भारत के ’आपरेशन सिन्दूर’ पर चर्चा के लिये सरकार को सकारात्मक होना चाहिये तो यह बेहतर होगा, क्योंकि देश की जनता व सीमाओं की सुरक्षा अन्ततः सरकार का पूर्ण उत्तरदायित्व बनता है, जिसके प्रति प्रतिपक्ष द्वारा भी पार्टी हित से ऊपर उठकर सरकार से सहयोग का रवैया अपनाना ज़रूरी अर्थात् सरकार व विपक्ष दोनों के लिए देश व जन सुरक्षा सर्वोपरि है।













































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































