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ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर भारत ने पहली बार आधिकारिक शोक जताया। विदेश सचिव विक्रम मिसरी नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास पहुंचे और शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर कर श्रद्धांजलि दी। जानिए Iran-Israel War और Middle East तनाव के बीच भारत की प्रतिक्रिया।

नई दिल्ली। ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei के निधन पर भारत ने आधिकारिक रूप से शोक व्यक्त किया है। भारत सरकार की ओर से विदेश सचिव Vikram Misri गुरुवार को नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास पहुंचे और वहां रखी शोक पुस्तिका (Condolence Book) में हस्ताक्षर कर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी।

बताया जा रहा है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के दौरान हुए हमले में खामेनेई की मौत हो गई थी। ईरान ने एक दिन बाद इसकी आधिकारिक घोषणा की। खामेनेई की मौत के बाद पूरे मध्य-पूर्व में तनाव और अधिक बढ़ गया है तथा वैश्विक राजनीति में भी इसकी व्यापक चर्चा हो रही है।

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने ईरानी दूतावास में जाकर शोक संदेश दर्ज करते हुए ईरान की जनता और सरकार के प्रति भारत की संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा कि भारत इस कठिन समय में ईरान के लोगों के साथ खड़ा है।

भारत-ईरान संबंधों के लिहाज से अहम कदम

विशेषज्ञों के अनुसार भारत का यह कदम कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत के ईरान के साथ लंबे समय से रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। ऊर्जा सुरक्षा, चाबहार बंदरगाह परियोजना और क्षेत्रीय व्यापार जैसे कई मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहयोग जारी है।

खामेनेई के निधन के बाद भारत की यह प्रतिक्रिया संतुलित कूटनीति का संकेत भी मानी जा रही है, क्योंकि भारत के अमेरिका और इजराइल के साथ भी घनिष्ठ रणनीतिक संबंध हैं। ऐसे में मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष के बीच भारत ने संवेदनशीलता और संतुलन का संदेश देने की कोशिश की है।

मध्य-पूर्व में बढ़ा तनाव

खामेनेई की मौत ऐसे समय हुई है जब ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच सैन्य टकराव लगातार बढ़ रहा है। हाल के दिनों में मिसाइल हमलों, एयर स्ट्राइक और सैन्य गतिविधियों के कारण पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है।

अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि ईरान के सर्वोच्च नेता के निधन से क्षेत्रीय राजनीति और शक्ति संतुलन पर बड़ा असर पड़ सकता है। इसके साथ ही आने वाले समय में ईरान की आंतरिक राजनीति और विदेश नीति में भी महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

दुनिया भर से आ रहे शोक संदेश

खामेनेई के निधन के बाद दुनिया के कई देशों के नेताओं और सरकारों ने शोक संदेश भेजे हैं। विभिन्न देशों के राजनयिक प्रतिनिधि तेहरान और अपने-अपने देशों में स्थित ईरानी दूतावासों में जाकर श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

भारत की ओर से विदेश सचिव का ईरानी दूतावास पहुंचकर श्रद्धांजलि देना इस बात का संकेत है कि भारत इस घटनाक्रम को गंभीरता से देख रहा है और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के पक्ष में है।

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