
राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ । दिल्ली-एनसीआर में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। क्योंकि थिनीकुंड बैराज से 1,78,996 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिसके बाद राजधानी में अलर्ट जारी कर दिया गया है। यमुना किनारे टीमों को तैनात कर दिया गया है।यमुना नदी में पानी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। जिसे देखते हुए दिल्ली और आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। क्योंकि हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। तेज बहाव के साथ पानी दिल्ली की ओर बढ़ रहा है। वहीं दिल्ली में दो दिनों से बारिश भी हो रही है। खतरे को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया गया है और यमना किनारे टीमों को तैनात किया गया है।
दिल्ली में 2023 जैसी बाढ़ का खतरा मंडरा रहा
यमुना का जलस्तर रविवार शाम 4 बजे 204.60 मीटर दर्ज किया गया जो चेतावनी के स्तर 204.50 मीटर से ज्यादा है। ऐसे में दिल्ली में फिर से 2023 की बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं। उस समय 45 साल का रिकॉर्ड टूटा था और यमुना का जलस्तर 208.48 मीटर तक पहुंच गया था। पहाड़ों पर लगातार हो रही भारी बारिश के कारण ऐसी आशंका है कि सोमवार-मंगलवार को आधी रात से दिल्ली में यमुना उफान पर होगी।
दिल्ली सरकार ने जारी किया अलर्ट
रविवार शाम 4 बजे हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से एक साथ 1,78,996 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। करीब इसी अनुपात में निरंतर पानी आ रहा है जो रात करीब 2 बजे दिल्ली पहुंचेगा। इससे यमुना का जलस्तर 206 मीटर के पार जाने की आशंका है। इसकी चेतावनी जारी कर दी गई है। दिल्ली सरकार की ओर से यमुना के तटीय इलाकों में रह रहे लोगों को सावधान रहने और पानी बढ़ने पर लोगों को घर खाली करने के लिए सतर्क रहने के आदेश दे दिए गए हैं। प्रशासन ने यमुना के तटीय इलाकों में बाढ़ से निपटने की तैयारियां बढ़ा दी हैं। यमुना बाजार में नदी के किनारे दीवार को मजबूत किया गया है, ताकि पानी बढ़ने पर ये तेजी से बाजार में न घुस पाए, लेकिन यमुना बाजार के आसपास के सीवर अभी से ओवर फ्लो होने लग गए हैं।
साल 2023 में 24 घंटे में आ गई थी बाढ़
2023 में 10 जुलाई को शाम 3 बजे यमुना का जलस्तर 205.10 मीटर था लेकिन हथिनीकुंड बैराज से एक साथ 2,15,677 क्यूसेक पानी छोड़ा गया और 11 जुलाई को दिल्ली में बाढ़ आ गई थी। यमुना का जलस्तर सुबह 10 बजे ही 206.34 मीटर के पार चला गया था। 11 जुलाई को फिर से एक साथ सबसे अधिक 3,44,035 क्यूसेक पानी हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया। 12 जुलाई को यमुना का जलस्तर 207.38 मीटर था।
दिल्ली की सड़कों पर आ गया था बाढ़ का पानी
भारी मात्रा में पानी छोड़ने से 13 जुलाई, 23 को दिल्ली में बाढ़ का 45 साल का रिकार्ड ध्वस्त हो गया था। दिल्ली में यमुना का जलस्तर 208.48 मीटर तक पहुंच गया था। बाढ़ का पानी कश्मीरी गेट आईएसबीटी के परिसर तक में पहुंच गया था। आउटर रिंग रोड पर रेलवे अंडरपास लबालब था। इस रूट से आवागमन बंद हो गया था। यमुना बाजार, एमनेस्टी मार्केट सब डूबे हुए थे। सबसे ज्यादा नुकसान यमुना खादर में हुआ था। लोगों के घरेलू सामान बह गए थे। लोग अपने पालतू पशुओं को नदी से नहीं निकाल पाए थे। करीब 3000 से अधिक लोगों को बाढ़ क्षेत्र से बाहर सुरक्षित निकाला गया। करीब महीने भर बाढ़ से जनजीवन प्रभावित रहा।
दिल्ली में कब-कब आई बाढ़
1963 से अब तक आई बाढ़
1963 – 205.40 मीटर
1978 – 207.49 मीटर
2010 – 207.11 मीटर
2013 – 207.32 मीटर
2023 – 208.48 मीटर
पिछले हफ्ते से ही मुनादी चल रही है। हमारी बोट, गोताखोर, फायर ब्रिगेड, आईएफसी, पीडब्ल्यूडी, हेल्थ सहित सभी संबंधित विभागों के नोडल अधिकारी तैयार हैं। गीता कॉलोनी बंध रोड फ्लड कंट्रोल रूम से 24 घंटे यमुना की निगरानी हो रही है। सीडब्ल्यूसी और आईएमडी से हर घंटे यमुना के जलस्तर और मौसम की जानकारी मिल रही है। मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग के मंत्री हमसे लगातार यमुना की रिपोर्ट ले रहे हैं। हम बाढ़ से निपटने के लिए बिल्कुल तैयार हैं। -संदीप यादव, एसडीएम प्रीत विहार, राजस्व विभाग नोडल अधिकारी