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“भारत की रक्षा क्षमता को बड़ा बूस्ट मिलने वाला है। 114 नए राफेल जेट्स की खरीद को DAC ने मंजूरी दे दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में हुए फैसले के बाद अब CCS की अंतिम मुहर बाकी है। 3.25 लाख करोड़ के इस सौदे से वायुसेना की ताकत और ‘मेक इन इंडिया’ को बड़ा बल मिलेगा। ” जानिए पूरा अपडेट…

हाइलाइट्स:

  • DAC ने 114 अतिरिक्त राफेल जेट्स की खरीद को दी मंजूरी
  • अनुमानित लागत 3.25 लाख करोड़ रुपये
  • IAF के 42 स्क्वाड्रन लक्ष्य को मिलेगा बल
  • मेक इन इंडिया के तहत भारत में उत्पादन
  • अब CCS की अंतिम स्वीकृति का इंतजार

114 राफेल जेट्स खरीद को डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने मंजूरी दे दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में 3.25 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव को हरी झंडी मिली। भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ेगी, मेक इन इंडिया को मिलेगा बढ़ावा।

114 और राफेल आने का रास्ता साफ, DAC की मंजूरी

114 राफेल जेट्स खरीद को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) की बैठक में भारतीय वायुसेना के लिए 114 अतिरिक्त राफेल फाइटर जेट्स की खरीद को मंजूरी दे दी गई है।

यह फैसला भारतीय वायुसेना (IAF) की घटती स्क्वाड्रन संख्या और आधुनिकीकरण की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

DAC क्या है?

डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) भारत सरकार की सर्वोच्च रक्षा खरीद समिति है।

  • अध्यक्ष: रक्षा मंत्री
  • सदस्य: सेना प्रमुख, रक्षा सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी
  • कार्य: रक्षा उपकरणों और हथियारों की खरीद को प्रारंभिक मंजूरी देना

DAC की मंजूरी के बाद प्रस्ताव कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) के पास अंतिम स्वीकृति के लिए जाता है।

क्यों जरूरी हैं 114 नए राफेल?

  • IAF को कुल 42 स्क्वाड्रन की जरूरत
  • वर्तमान में सिर्फ 29 स्क्वाड्रन सक्रिय
  • पुराने मिग-21 और अन्य जेट्स चरणबद्ध तरीके से हटाए जा रहे हैं

नए राफेल जेट्स से वायुसेना की स्ट्राइक क्षमता और एयर डिफेंस मजबूत होगी।

लागत और मेक इन इंडिया

  • अनुमानित लागत: 3.25 लाख करोड़ रुपये
  • पहले 18 जेट्स रेडी-टू-फ्लाई
  • बाकी जेट्स भारत में फ्रांस की कंपनी दसॉल्ट एविएशन और भारतीय पार्टनर के साथ मिलकर बनाए जाएंगे
  • टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और रोजगार सृजन की संभावना

राफेल की ताकत

राफेल एक मल्टी-रोल फाइटर जेट है, जो:

  • हवा से हवा और हवा से जमीन हमले में सक्षम
  • मेटियोर मिसाइल (लॉन्ग रेंज एयर-टू-एयर)
  • स्कैल्प क्रूज मिसाइल (डीप स्ट्राइक क्षमता)
  • परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम

2016 में भारत ने 36 राफेल खरीदे थे, जो अंबाला और हाशिमारा एयरबेस पर तैनात हैं।

चीन और पाकिस्तान से दोहरे मोर्चे के खतरे को देखते हुए यह सौदा सामरिक रूप से अहम माना जा रहा है। यह फैसला फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा से पहले आया है, जिससे रक्षा सहयोग को और मजबूती मिल सकती है।

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