
राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क
सोने की कीमतों में इस महीने की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों और बाजार विश्लेषकों के बीच हलचल तेज हो गई है। लगातार बढ़ती महंगाई और वैश्विक आर्थिक संकेतकों के बीच अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या सोने के बाजार में कोई बड़ा बदलाव आने वाला है?
दिल्ली में 22 कैरेट सोना ₹1,000 प्रति 10 ग्राम तक सस्ता
देश की राजधानी दिल्ली सहित प्रमुख शहरों में सोने के दामों में भारी गिरावट देखी गई। 22 कैरेट सोना जहां पिछले सप्ताह ₹56,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास था, वहीं अब यह ₹55,000 के करीब पहुंच गया है। इसी तरह 24 कैरेट सोना भी ₹1,200 तक सस्ता हुआ है।
क्या हैं गिरावट के प्रमुख कारण?
- अमेरिकी फेडरल रिज़र्व के ब्याज दर संकेत: हाल ही में फेडरल रिजर्व द्वारा दरों को लेकर दिए गए संकेत से डॉलर मजबूत हुआ है, जिससे सोने पर दबाव बढ़ा है।
- डॉलर की मजबूती: वैश्विक बाजार में डॉलर के मजबूत होने से सोने की मांग में गिरावट आई है। डॉलर और सोने का संबंध उलटा होता है – डॉलर मजबूत होता है, तो सोना कमजोर पड़ता है।
- मांग में मौसमी गिरावट: शादियों और त्योहारों के सीज़न के बाद आमतौर पर सोने की मांग में थोड़ी गिरावट आती है, जो अब नजर आ रही है।
निवेशकों में चिंता, लेकिन विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं?
सोने की गिरती कीमतों ने अल्पकालिक निवेशकों को चिंतित कर दिया है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि यह गिरावट लंबे समय के लिए नहीं है।
मार्केट एनालिस्ट रोहित गर्ग के अनुसार, “सोने की कीमतों में आई गिरावट अस्थायी है। महंगाई, भू-राजनीतिक तनाव और शेयर बाजार की अस्थिरता को देखते हुए सोने की लंबी अवधि में मांग बढ़ सकती है।”
क्या यह निवेश का सही समय है?
विशेषज्ञों की राय है कि सोने की कीमतों में आई मौजूदा गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक अच्छा मौका हो सकता है। यदि आप फिजिकल गोल्ड, गोल्ड ETF या डिजिटल गोल्ड में निवेश की सोच रहे हैं, तो यह समय फायदेमंद हो सकता है – बशर्ते आपका निवेश दृष्टिकोण लंबा हो।
निष्कर्ष
सोने की कीमतों में आई रिकॉर्ड गिरावट ने बाजार में हलचल मचा दी है। हालांकि यह गिरावट कई आर्थिक कारणों से हुई है, परंतु दीर्घकालीन नजरिए से सोना अब भी एक सुरक्षित निवेश माना जा रहा है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।