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“बांग्लादेश में हिंदू की हत्या: शरियतपुर जिले में हिंदू व्यापारी खोकन चंद्र दास पर हमला कर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। तीन दिन इलाज के बाद 3 जनवरी को मौत, अल्पसंख्यक सुरक्षा पर सवाल।”

Highlights :

  • शरियतपुर जिले में हिंदू व्यापारी खोकन चंद्र दास की हत्या
  • दुकान से लौटते समय धारदार हथियारों से हमला
  • पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने का आरोप
  • तीन दिन अस्पताल में इलाज के बाद मौत
  • बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर फिर सवाल

बांग्लादेश में हिंदू की हत्या की एक और घटना सामने आई है। बांग्लादेश के शरियतपुर जिले में हिंदू व्यापारी खोकन चंद्र दास पर 31 दिसंबर की रात जानलेवा हमला किया गया था। गंभीर रूप से झुलसे खोकन चंद्र दास ने तीन दिन तक जिंदगी की जंग लड़ी, लेकिन शनिवार 3 जनवरी 2026 को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई

मिली जानकारी के अनुसार, खोकन चंद्र दास दवा और मोबाइल बैंकिंग का व्यवसाय करते थे। वे जब दुकान बंद कर घर लौट रहे थे, तभी दंगाइयों ने उन पर धारदार हथियारों से हमला किया और पेट्रोल डालकर आग लगा दी। जान बचाने के प्रयास में वे किसी तरह पास के तालाब में कूद गए, जिसके बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।

घटना दामुद्या उपजिले के कोनेश्वर यूनियन स्थित केउरभंगा बाजार के पास रात करीब 9:30 बजे हुई। हमले में उन्हें सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं और शरीर का बड़ा हिस्सा झुलस गया।

पीड़ित की पत्नी सीमा दास ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनका किसी से कोई विवाद नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति ने दो हमलावरों को पहचान लिया था, जिसके बाद उन्हें पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया गया।

यह घटना बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्थानीय प्रशासन की ओर से फिलहाल जांच की बात कही गई है, जबकि मानवाधिकार संगठनों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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