“लखीमपुर खीरी आशा बहू धरना: गोला गोकर्णनाथ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आशा बहुओं का धरना 12वें दिन भी जारी है। मानदेय बढ़ोतरी, राज्य कर्मचारी का दर्जा और बकाया भुगतान की मांग।”
हाइलाइट्स :
- गोला CHC में 12वें दिन भी आशा बहुओं का धरना जारी
- 15 दिसंबर 2025 से हड़ताल पर हैं आशा बहुएं
- मानदेय वृद्धि और राज्य कर्मचारी दर्जा प्रमुख मांग
- 21 हजार रुपये मासिक वेतन निर्धारित करने की मांग
- प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं
लखीमपुर खीरी आशा बहू धरना: गोला गोकर्णनाथ में 12वें दिन भी आंदोलन जारी
लखीमपुर खीरी। लखीमपुर खीरी आशा बहू धरना लगातार तेज होता जा रहा है। जिले के गोला गोकर्णनाथ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पर आशा बहुओं का धरना 12वें दिन भी जारी रहा। उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन के आह्वान पर आशा बहुएं 15 दिसंबर 2025 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।

धरने पर बैठी सैकड़ों आशा बहुओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
क्या हैं आशा बहुओं की मांगें
आशा बहुओं का कहना है कि—
- उनसे लगातार अतिरिक्त कार्य लिया जा रहा है.
- इसके बावजूद मानदेय में वृद्धि नहीं की जा रही.
- न ही उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया गया है.
प्रमुख मांगों में शामिल हैं—
- राज्य कर्मचारी का दर्जा
- ₹21,000 मासिक वेतन निर्धारित किया जाए
- लंबित बकाया भुगतान शीघ्र दिलाया जाए
आशा बहुओं का दर्द
धरने में शामिल आशा बहुओं ने कहा—
“हम लोग कई वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में काम कर रही हैं। हमसे लगातार अतिरिक्त कार्य लिया जाता है, लेकिन न तो पूरा मानदेय मिलता है और न ही कर्मचारी का दर्जा। सरकार को हमारी समस्याओं का जल्द समाधान करना चाहिए।”
धरने में बड़ी संख्या में आशा बहुएं शामिल
धरने में—
- आशा सुपरवाइजर सुषमा देवी
- चित्रा राठौर, रश्मि पांडे, राखी, नीरज, गोल्डी
- किरन अवस्थी, रोली देवी, स्नेहलता, रूबी देवी
- शाकिया बानो
सहित सैकड़ों आशा बहुएं मौजूद रहीं।
आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी
आशा बहुओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो—
- आंदोलन को जिला स्तर से आगे बढ़ाया जाएगा
- प्रदर्शन को और व्यापक रूप दिया जाएगा
फिलहाल गोला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर धरना जारी है और प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस आश्वासन सामने नहीं आया है।
लखीमपुर खीरी आशा बहू धरना अब केवल स्थानीय प्रदर्शन नहीं, बल्कि प्रदेशभर की आशा बहुओं की समस्याओं की आवाज बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में प्रशासन की भूमिका इस आंदोलन की दिशा तय करेगी।
रिपोर्ट: नवीन गिरी , दिलीप गुप्ता मोनू




























































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































