
राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क हरदोई : जहां एक तरफ शासन/प्रशासन जिले में खाद की पर्याप्त मात्रा होने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर “अन्नदाता” कहे जाने वाले किसान दिनभर कड़ी धूप में भूखे प्यासे लंबी-लंबी कतारों में खड़े नजर आते हैं! इन कतारों में भारी संख्या में महिलाएं भी आती हैं! इतनी कड़ी मेहनत के बाद अधिकतर किसान या तो खाली हाथ या अपर्याप्त मात्रा में खाद की एक आध बोरी लेकर घर लौट आते हैं! जिससे क़ी किसानों को बिचौलियों या निजी दुकानों से दोगुनी कीमत पर खाद खरीदने को मजबूर होना पड़ता है!
विकासखंड कछौना के साधन सहकारी समिति लि. पुरवा पर खाद वितरण केंद्र के पिछले चार-पांच दिनों से अचानक बंद हो जाने से ग्रामीण काफी आक्रोशित व परेशान है!
समिति के अध्यक्ष अनिल द्विवेदी व अन्य किसानों ने सचिव पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि सचिव द्वारा खाद का वितरण अपने चहेतों को गुपचुप तरीके से किया जाता है! खाद को ब्लैक में भी बेचा जाता है! विक्रय केंद्र के खुलने व बंद होने का कोई भी निर्धारित समय नहीं है! खाद का वितरण पारदर्शी तरीके से ना करके संबंधित गांवो के अतिरिक्त अन्य लोगों को भी किया जाता है! सचिव के पास इसके साथ एक अन्य समिति की भी जिम्मेदारी है! जिससे कि वितरण अपने निर्धारित दिनों के अनुसार करते थे लेकिन अबकी बार अपने कार्य दिवसों में भी नहीं आ रहे हैं! इस समय खरीफ की फसल को खाद की नितांत आवश्यकता है! ऐसे में वितरण केंद्र बंद होने से किसान बहुत परेशान है!
इस मामले पर समिति के अध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने शासन/प्रशासन से मांग की है कि यदि सोमवार से वितरण शुरू नहीं किया गया तो वह अपनी सात सदस्यीय समिति के साथ सामूहिक रूप से इस्तीफा देंगे! साथ ही अन्य किसान जिन्होंने 225 रुपए देकर सदस्यता ली थी, वह भी अपना सदस्यता शुल्क वापस लेने व सदस्यता छोड़ने की बात कह रहे हैं!
उक्त प्रकरण पर सचिव ने बताया कि सारे आरोप निराधार हैं, खाद का वितरण नियमानुसार ही किया गया है!