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“जेफरी एपस्टीन फाइल्स में नाम आने के बाद बिल गेट्स को एआई इंपैक्ट समिट 2026 से बाहर कर दिया गया है। सरकार ने निमंत्रण की समीक्षा करते हुए पीड़ितों के साथ खड़े होने की बात कही।” पढ़ें पूरी रिपोर्ट….

हाइलाइट्स:

  • Bill Gates AI Impact Summit 2026 से बाहर
  • Epstein Files में नाम आने के बाद निमंत्रण की समीक्षा
  • सरकार ने कहा—पीड़ितों के साथ खड़े हैं
  • समिट की वेबसाइट से गेट्स का नाम हटाया गया
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिर चर्चा में एपस्टीन मामला

नई दिल्ली। एपस्टीन फाइल्स में नाम आने के बाद माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स के AI Impact Summit 2026 में शामिल होने की संभावना लगभग समाप्त हो गई है। सूत्रों के हवाले से आई रिपोर्टों के अनुसार, सरकार ने उनके निमंत्रण की दोबारा समीक्षा की और समिट की आधिकारिक वेबसाइट से गेट्स का नाम हटा दिया गया है। सरकार का कहना है कि वह एपस्टीन प्रकरण के पीड़ितों के साथ खड़ी है और इस मामले को संवेदनशीलता से देखा जा रहा है।

वेबसाइट से नाम हटाया गया

समिट के कार्यक्रम विवरण में पहले बिल गेट्स को प्रमुख वक्ता के रूप में सूचीबद्ध किया गया था, लेकिन हालिया घटनाक्रम के बाद उनका नाम अब दिखाई नहीं दे रहा है। आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है, परंतु सूत्रों का कहना है कि विवाद को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

क्या हैं ‘एपस्टीन फाइल्स’?

अमेरिका के न्याय विभाग द्वारा सार्वजनिक की गई तथाकथित ‘एपस्टीन फाइल्स’ में कई वैश्विक नेताओं, उद्योगपतियों और चर्चित हस्तियों के नाम सामने आए हैं। इन दस्तावेजों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, दिवंगत पॉप सिंगर माइकल जैक्सन सहित कई बड़े नामों का उल्लेख बताया जा रहा है।

हालांकि, कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि किसी दस्तावेज में नाम आने का अर्थ यह नहीं होता कि संबंधित व्यक्ति पर अपराध सिद्ध हो गया है। कई मामलों में नाम संपर्क, यात्रा या सामाजिक संबंधों के आधार पर भी दर्ज हो सकते हैं।

एपस्टीन के आरोप और पृष्ठभूमि

जेफरी एपस्टीन एक अमेरिकी फाइनेंसर था, जिस पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और तस्करी के गंभीर आरोप लगे थे। अगस्त 2019 में न्यूयॉर्क की जेल में उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसे आधिकारिक तौर पर आत्महत्या बताया गया।

एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में गेट्स के साथ उसके संपर्कों का जिक्र किया गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एपस्टीन ने दावा किया था कि उसने गेट्स के निजी जीवन से जुड़े मामलों में मदद की थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और गेट्स की ओर से पहले भी यह कहा जा चुका है कि एपस्टीन के साथ उनके संबंध सीमित और पेशेवर प्रकृति के थे।

सरकार का रुख

सूत्रों के अनुसार, सरकार का कहना है कि वह “पीड़ितों के साथ खड़ी है” और ऐसे मामलों में नैतिक तथा सार्वजनिक संवेदनशीलता को प्राथमिकता दी जाएगी। इसी संदर्भ में AI Impact Summit में गेट्स की भागीदारी पर पुनर्विचार किया गया।

आगे क्या?

AI Impact Summit 2026 में वैश्विक तकनीकी विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं के भाग लेने की उम्मीद है। गेट्स की अनुपस्थिति से कार्यक्रम की रूपरेखा पर असर पड़ सकता है, हालांकि आयोजकों की ओर से वैकल्पिक वक्ताओं की घोषणा जल्द की जा सकती है।

फिलहाल, एपस्टीन फाइल्स को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा जारी है और कई देशों में इससे जुड़े राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव देखने को मिल रहे हैं।

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