Kishtwar Encounter 2026, Operation Trashi I news, Jammu Kashmir anti terror operation, White Knight Corps action, Northern Command update, Jammu news today, J&K police operation, CRPF joint operation, किश्तवाड़ मुठभेड़ खबर, जम्मू-कश्मीर आतंकी एनकाउंटर, AK-47 बरामद, सुरक्षा बल ऑपरेशन,Kishtwar forest encounter photo, Indian Army operation J&K, CRPF joint search operation, White Knight Corps CIF Delta, Tyson army dog injured, AK47 recovered Kishtwar,Kishtwar Jammu news, Jammu Kashmir encounter latest, Indian Army anti terror operation Kishtwar, White Knight Corps Northern Command, CRPF JKP joint operation, Pakistan supported terrorists neutralised, Jammu district security news, #KishtwarEncounter, #IndianArmy, #JammuKashmir, #OperationTrashi, #CRPF, #JKPolice, #NorthernCommand,

किश्तवार मुठभेड़ 2026 में सेना, CRPF और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के तहत ऑपरेशन त्राशी-I और किया में चार पाकिस्तान समर्थित आतंकियों को मार गिराया गया। 20 दिनों के अभियान में कुल 6 आतंकी निष्क्रिय। AK-47 सहित भारी हथियार बरामद, सुरक्षाबलों को कोई नुकसान नहीं।

हाइलाइट्स :

  • किश्तवाड़ में ऑपरेशन त्राशी-I और किया सफल
  • 4 कुख्यात पाकिस्तान समर्थित आतंकी ढेर
  • पिछले 20 दिनों में कुल 6 आतंकी निष्क्रिय
  • AK-47 राइफल समेत हथियार बरामद
  • सेना के डॉग ‘टायसन’ की अहम भूमिका
  • सुरक्षाबलों को शून्य नुकसान

जम्मू। जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षाबलों ने एक लंबे और सुनियोजित अभियान के बाद पाकिस्तान समर्थित आतंकियों के बड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। पिछले एक महीने से अधिक समय से चल रहे ऑपरेशन ‘त्राशी-I’ और ‘किया’ के तहत चार कुख्यात आतंकियों को ढेर किया गया, जबकि बीते 20 दिनों में कुल छह आतंकियों को निष्क्रिय करने में सफलता मिली है।

सुरक्षा एजेंसियों ने इसे इलाके में आतंकवाद के खिलाफ एक निर्णायक प्रहार बताया है।

अप्रैल 2025 से चल रही थी निगरानी

सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, अप्रैल और मई 2025 से ही इलाके में सक्रिय एक बड़े आतंकी समूह पर नजर रखी जा रही थी। अप्रैल 2025 में तीन मुख्य आतंकियों को मार गिराया गया था, लेकिन गिरोह का सरगना सैफुल्लाह, उसका सहयोगी आदिल और दो अन्य आतंकी लगातार ठिकाने बदलते हुए जंगलों में सक्रिय थे।

कठिन पहाड़ी भूभाग और घने जंगलों के कारण इनकी तलाश चुनौतीपूर्ण बनी हुई थी।

14 जनवरी 2026 को शुरू हुआ ऑपरेशन ‘त्राशी-I’

14 जनवरी 2026 को Indian Army की व्हाइट नाइट कॉर्प्स के अधीन सीआईएफ (काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स) डेल्टा, Assam Rifles, Jammu and Kashmir Police और Central Reserve Police Force (सीआरपीएफ) की संयुक्त टीम ने खुफिया जानकारी के आधार पर सघन सर्च अभियान शुरू किया।

18 जनवरी को आतंकियों के एक मजबूत ठिकाने का पता लगाकर वहां से हथियारों और रसद का बड़ा जखीरा बरामद किया गया।

4 फरवरी को आदिल ढेर, ऑपरेशन ‘किया’ में दो और आतंकी मारे गए

लगातार दबाव और ट्रैकिंग के दौरान 4 फरवरी 2026 को आतंकी आदिल को मार गिराया गया। उसी दिन चलाए गए ऑपरेशन ‘किया’ में दो अन्य आतंकियों को भी ढेर कर दिया गया।

इस कार्रवाई से आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा।

22 फरवरी: अंतिम मुठभेड़ में तीन आतंकी ढेर

22 फरवरी 2026 की सुबह करीब 11 बजे सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच अंतिम मुठभेड़ हुई। दुर्गम पहाड़ी इलाके और खराब मौसम के बावजूद सुरक्षाबलों ने बेहतरीन रणनीति और आपसी समन्वय का प्रदर्शन करते हुए तीन आतंकियों को मार गिराया।

इस दौरान सेना के प्रशिक्षित डॉग ‘टायसन’ ने आतंकियों की मौजूदगी का सटीक पता लगाया। गोलीबारी में टायसन घायल भी हुआ, लेकिन उसकी बहादुरी की व्यापक सराहना की जा रही है।

हथियारों का जखीरा बरामद, शून्य नुकसान

तलाशी अभियान के दौरान तीन एके-47 राइफल समेत भारी मात्रा में गोला-बारूद और अन्य युद्ध सामग्री बरामद की गई।

सुरक्षा बलों की ओर से इस पूरे अभियान में शून्य नुकसान सुनिश्चित किया गया, जो इस कठिन ऑपरेशन की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

व्हाइट नाइट कॉर्प्स की बड़ी उपलब्धि

व्हाइट नाइट कॉर्प्स, जो Northern Command के अधीन कार्यरत है, ने जेके पुलिस और सीआरपीएफ के सहयोग से पिछले 20 दिनों में कुल छह पाकिस्तान समर्थित आतंकियों को निष्क्रिय किया है।

सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि इलाके में खुफिया-आधारित अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी आतंकी गतिविधि को पनपने नहीं दिया जाएगा।

आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक संदेश

किश्तवाड़ की यह कार्रवाई न केवल सुरक्षाबलों के साहस और रणनीतिक क्षमता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि आतंक के खिलाफ लड़ाई में एजेंसियों के बीच समन्वय और आधुनिक तकनीक की भूमिका कितनी अहम हो गई है।

कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और लंबे अभियान के बावजूद सुरक्षाबलों ने जिस तरह से सफलता हासिल की, उसे सुरक्षा तंत्र की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *