भारत ने चीन अमेरिका रूस को पछाड़ा, भारतीय अर्थव्यवस्था ग्रोथ, हार्वर्ड रिपोर्ट भारत, महामारी बाद आर्थिक रिकवरी, भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, ग्लोबल इकोनॉमी में भारत, कोविड बाद विकास दर, भारतीय जीडीपी ग्रोथ, आर्थिक महाशक्ति भारत, India surpasses China USA Russia, India fastest growing economy, Harvard report India growth, post-pandemic economic recovery India, Indian GDP growth, India global economy leader, fastest growing major economy, India economic model, भारत आर्थिक विकास फोटो, भारत चीन अमेरिका तुलना ग्राफ, भारत की जीडीपी इमेज, India economy growth chart, India vs China USA Russia GDP image, economic recovery India graphic, #IndiaGrowth #IndianEconomy #HarvardReport #EconomicRecovery #IndiaVsChina #GlobalEconomy #BreakingNews #IndiaGDP #EconomicPower,

भारत ने महामारी के बाद चीन, अमेरिका और रूस को पीछे छोड़ते हुए वैश्विक अर्थव्यवस्था में शीर्ष-पद स्‍थापित किया है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर द्वारा जारी रिपोर्ट में भारत के तेज विकास, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तथा स्टार्टअप इकोसिस्टम की भूमिका पर प्रकाश डाला गया है — जानिए कैसे बना भारत का मॉडल अन्य विकासशील देशों के लिए प्रेरणा।

हाइलाइट्स

  • कोविड-उबर के बाद भारत बनी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था — रिपोर्ट
  • हार्वर्ड विश्वविद्यालय की रिपोर्ट: भारत का आर्थिक मॉडल अब अन्य देशों के लिए आदर्श
  • अमेरिका-चीन-रूस देखता रह गया, भारत ने घरेलू मांग-डिजिटल इंफ्रा के दम पर बढ़त बनाई
  • भारत ने वैश्विक सप्लाई चेन में हिस्सेदारी बढ़ाई; महामारी के बाद सबसे तेज वृद्धि दर्ज

नई दिल्ली। महामारी ने दुनिया की अधिकांश अर्थव्यवस्थाओं को गहरा झटका दिया था। लेकिन इस कठिन दौर में भारत ने आश्चर्यजनक रूप से तेज-रिकवरी करते हुए वैश्विक परिदृश्‍य में अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है। हाल में Harvard University के प्रोफेसर Jason Furman ने जारी रिपोर्ट में दावा किया है कि भारत ने महामारी के बाद चीन, अमेरिका और रूस जैसी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था का दर्जा हासिल किया है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि 2019 के पूर्व-महामारी प्रवृत्ति की तुलना में 2022 में भारत की जीडीपी ने तेजी से वृद्धि दर्ज की और 2025 के तीसरे तिमाही तक यह +5 % के करीब जा सकती है। इसके बावजूद चीन की अर्थव्यवस्था लॉकडाउन-नीति व संपत्ति संकट के चलते पिछड़ गई है और रूस पर प्रतिबंधों का बुरा असर हुआ है।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की इस तेजी में कई कारक शामिल हैं:

  • घरेलू मांग व निवेश को बढ़ावा देने वाली नीतियाँ।
  • डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तथा स्टार्टअप-इकोसिस्टम का बढ़ना।
  • वैश्विक सप्लाई चेन में भारत का बढ़ता हिस्सा।

विश्लेषकों का मानना है कि यदि ये रुझान कायम रहे, तो आने वाले वर्षों में भारत न केवल बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है बल्कि वैश्विक शक्तियों की पक्तियों में तेजी से अपनी जगह बना सकता है।

देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।

विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *