
राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क लखनऊ : “Shaping the Future of Social Security for Construction Workers” विषय पर होटल फेयरफील्ड बाय मैरियट, लखनऊ में उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड और जन साहस फाउंडेशन द्वारा संयुक्त राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के बीओसीडब्ल्यू बोर्ड के प्रतिनिधि, निजी क्षेत्र, सामाजिक संगठनों और विशेषज्ञों ने मिलकर निर्माण श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा बढ़ाने और तकनीक के बेहतर उपयोग पर चर्चा की।
श्रम एवं सेवायोजन मंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सम्मेलन में भाग लेते हुए सभी हितधारकों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन देशभर में निर्माण श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने और उनके जीवन में सार्थक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाएगा। उत्तर प्रदेश में निर्माण क्षेत्र लाखों श्रमिकों को रोजगार देता है, और सरकार का लक्ष्य उनके और उनके परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
नई योजनाओं की घोषणा
उत्तर प्रदेश बीओसीडब्ल्यू बोर्ड ने दो नई योजनाओं की शुरुआत की घोषणा की:
- डॉ. भीमराव अंबेडकर श्रमिक सुविधा केंद्र – जहां निर्माण श्रमिकों को सभी आवश्यक सुविधाएं एक ही स्थान पर मिलेंगी।
- विश्वकर्मा श्रमिक सराय योजना – प्रवासी श्रमिकों के लिए अस्थायी आवास की सुविधा, जिससे वे नए शहर में आसानी से काम ढूंढ सकें।
शिक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम
प्रधानमंत्री द्वारा 2023 में सभी मंडलों में शुरू किए गए अटल आवासीय विद्यालयों में निर्माण श्रमिकों और कोविड से प्रभावित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण अंग्रेजी माध्यम शिक्षा दी जा रही है। वर्तमान सत्र में 1,440 छात्रों ने प्रवेश लिया, जबकि अगले सत्र में 5,040 नए बच्चों के साथ यह संख्या 6,480 तक पहुंच जाएगी। इस पहल के लिए सरकार ने 2023-24 में ₹27.04 करोड़ और 2024-25 में फरवरी 2025 तक ₹39.33 करोड़ खर्च किए हैं।
पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन पर ध्यान
सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों और उनसे निर्माण श्रमिकों को सुरक्षित रखने के उपायों पर भी चर्चा हुई। नई तकनीकों और रणनीतियों पर विचार-विमर्श कर श्रमिकों के लिए और बेहतर योजनाएं बनाने पर जोर दिया गया।
तकनीकी नवाचार और डिजिटल समाधान
सम्मेलन में टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों ने डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल तकनीकों के उपयोग से निर्माण श्रमिकों की सुरक्षा और कल्याण योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर अपने विचार रखे।
राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग और विचार-विमर्श
इस कार्यक्रम में असम, कर्नाटक, पंजाब सहित कई राज्यों के बीओसीडब्ल्यू बोर्ड प्रतिनिधियों ने अपने राज्यों की कल्याणकारी योजनाओं और नवाचारों को साझा किया। जन साहस के विशेषज्ञों सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी अहम भागीदारी दर्ज कराई।
सम्मेलन के अंत में सभी प्रतिभागियों ने निर्माण श्रमिकों के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने हेतु मिलकर काम करने का संकल्प लिया।