राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़। लखनऊ। पूरे उत्तर प्रदेश में 11 अगस्त तक जहां 33 लाख 51971 स्मार्ट प्रीपेड मीटर सभी बिजली कंपनियों में लगाए गए। बिना उपभोक्ताओं की अनुमति की विद्युत अधिनियम 2003 के विपरीत जाकर मनमाने तरीके से 3 लाख 34561 विद्युत उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर को प्रीपेड में कन्वर्ट कर दिया गया। जिसको लेकर उत्तर प्रदेश राज विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष श्री अरविंद कुमार व सदस्य संजय कुमार सिंह से मुलाकात कर विद्युत अधिनियम 2003 के उल्लंघन का मामला उठाया है। आयोग के सामने विधिक प्रस्ताव पेश किया कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) का बिजली कंपनियां लगातार उल्लंघन कर रही है। ऐसे में लोक महत्व का विषय मानते हुए विद्युत नियामक आयोग अभिलंब बिजली कंपनियों के खिलाफ इस आसंवैधानिक कृत के लिए उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए।विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 56 के तहत किसी भी बकायदार विद्युत उपभोक्ता को न्यूनतम 15 दिन की नोटिस देने के बाद ही उसका विद्युत आपूर्ति काटी जा सकती है। ऐसे में स्मार्ट प्रीपेड मीटर के मामले में बकाया होने पर किस प्रकार से नोटिस दी जाएगी। क्योंकि बिना 15 दिन की कम से कम नोटिस दिए बिजली का कनेक्शन बकाया पर भी नहीं काटा जा सकता। यहां तो आने वाले समय में बकाया होने के बाद कनेक्शन स्वत कट जाएगा। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा बिजली कंपनियां भारत सरकार के रूल की बात करती है। जबकि विद्युत अधिनियम 2003 लोकसभा द्वारा पारित कानून की परिधि में आता है। उसे कोई रूल नहीं बदल सकता और यदि पावर कारपोरेशन को रूल लागू करने की इतनी जल्दी है तो सबसे पहले कंस्यूमर राइट रूल 2020 के तहत सभी को 24 घंटे विद्युत आपूर्ति ग्रामीण और शहर को दी जाए। भारत सरकार के अनुरोधानुसार स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने के बाद सभी विद्युत उपभोक्ताओं को 5 प्रतिशत की रिबेट दी जाए। ऐसे में यह नहीं चलने वाला की जो उपभोक्ताओं के हित में हो वह नहीं लागू होगा और जो उपभोक्ताओं को परेशान करने वाला नियम है उसे लागू कर दिया जाता है। उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा आज भी पूरे प्रदेश में जो किसी भी कंपनी के मीटर लगा रहे हैं उसमें 90 प्रतिशत चेक कर लिया जाए तो चाइनीस कंपोनेंट सामने आएंगे। लेकिन उसे बिजली कंपनियों में बैठे उच्च अधिकारी कमीशन लेकर इंडियन कंपोनेंट के नाम पर पास करके निजी घरानो के साथ मिले हुए हैं। उसी का नतीजा है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर जंप कर रहे हैं तेज चल रहे हैं उन्हें कोई भी देखने वाल और ना ही उसकी कोई जांच करने वाला है।

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