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Budget 2026 में इनकम टैक्स उल्लंघनों को डिक्रीमिनलाइज किया गया — अब ज्यादातर मामलों में जेल नहीं, केवल टैक्स वसूल, जुर्माना और समझौता लागू होगा।

नई दिल्ली। मोदी सरकार ने बजट 2026-27 में इनकम टैक्स कानूनों में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए अधिकांश टैक्स अपराधों से जेल की सजा खत्म कर दी है। अब आय छिपाने, गलत जानकारी देने या विदेशी संपत्ति का खुलासा न करने जैसे मामलों में करदाताओं को जेल नहीं भेजा जाएगा, बल्कि टैक्स वसूली, जुर्माना और समझौते के जरिए मामला निपटाया जाएगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कहा कि सरकार टैक्स सिस्टम को डर से नहीं, भरोसे से चलाना चाहती है। इसी सोच के तहत टैक्स कानूनों का डिक्रीमिनलाइजेशन किया गया है।

आम करदाताओं के लिए बजट 2026 एक बड़ी राहत लेकर आया है। अब इनकम टैक्स से जुड़े ज्यादातर मामलों में जेल का डर खत्म कर दिया गया है। सरकार ने टैक्स कानूनों को डिक्रीमिनलाइज करने का बड़ा फैसला लिया है, जिससे टैक्स सिस्टम अब सज़ा नहीं बल्कि भरोसे और सहयोग पर आधारित होगा।

अब तक आय छिपाने, गलत जानकारी देने या विदेशी संपत्ति का खुलासा न करने पर जेल तक का प्रावधान था, लेकिन नए बजट में इस सोच को पूरी तरह बदला गया है।

अब गलती अपराध नहीं

अब तक टैक्स से जुड़ी गंभीर चूक पर सात साल तक की जेल का प्रावधान था, जिससे आम टैक्सपेयर्स में भय का माहौल बना रहता था। बजट 2026 के बाद टैक्स नियमों के उल्लंघन को आपराधिक नहीं, बल्कि प्रशासनिक गलती के तौर पर देखा जाएगा।

सरकार ने साफ किया है कि यदि कोई करदाता जानबूझकर बड़ा घोटाला, मनी लॉन्ड्रिंग या संगठित टैक्स चोरी नहीं करता है, तो उस पर आपराधिक कार्रवाई नहीं होगी

विदेशी संपत्ति पर राहत

बजट का सबसे बड़ा फैसला विदेशी संपत्ति से जुड़ा है।
यदि किसी करदाता ने अनजाने में विदेश में मौजूद संपत्ति का खुलासा नहीं किया है और उसकी कुल कीमत 20 लाख रुपये से कम है, तो अब जेल की कार्रवाई नहीं होगी

इसमें विदेशी बैंक खाते, शेयर, म्यूचुअल फंड, ESOPs और पेंशन फंड शामिल हैं। सरकार का कहना है कि ग्लोबल दौर में हर चूक को अपराध नहीं माना जा सकता।

स्वैच्छिक खुलासे को बढ़ावा

अगर कोई करदाता खुद आगे आकर अपनी गलती सुधारता है और टैक्स व जुर्माना जमा करता है, तो उसे अभियोजन से छूट मिल सकती है। सरकार चाहती है कि लोग डर के कारण नहीं, बल्कि स्वेच्छा से टैक्स सिस्टम से जुड़ें।

NRI और मिडिल क्लास को फायदा

इस फैसले से NRI, विदेशी छात्र, टेक प्रोफेशनल्स, स्टार्टअप फाउंडर्स और मिडिल क्लास को बड़ी राहत मिलेगी। टैक्स विभाग अब पहले सुधार और वसूली पर ध्यान देगा, न कि सीधे जेल भेजने पर।

बड़े घोटालों पर सख्ती जारी

सरकार ने दो टूक कहा है कि यह राहत बड़े टैक्स घोटालों, फर्जी कंपनियों और मनी लॉन्ड्रिंग पर लागू नहीं होगी। ऐसे मामलों में पहले की तरह सख्त कार्रवाई होती रहेगी।

बजट 2026 के ये बदलाव टैक्स सिस्टम में बड़ा संदेश देते हैं—अब टैक्स अपराध नहीं, जिम्मेदारी है।

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