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फर्रुखाबाद तालाब सौंदर्यीकरण विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। बढ़पुर क्षेत्र की महिला ने नगर पालिका और पुलिस पर दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए एसपी से शिकायत की है। मामला दीवानी न्यायालय में लंबित है।

फर्रुखाबाद तालाब सौंदर्यीकरण विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। जनपद के बढ़पुर थाना क्षेत्र अंतर्गत अल्लाह नगर निवासी कान्तीदेवी पत्नी सरमन ने तालाब के सौंदर्यीकरण को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक फर्रुखाबाद को लिखित शिकायत सौंपी है।

पीड़िता के अनुसार विश्धार तालाब, जो कि गाटा संख्या 679 एवं 701/131 में दर्ज है और जिसका कुल रकबा लगभग 1.772 हेक्टेयर है, उनके पूर्वजों के नाम से राजस्व अभिलेखों में चला आ रहा है। वर्तमान समय में भी उक्त तालाब पर उनका पूर्ण कब्जा है और वे वर्षों से वहां मछली पालन कर अपनी आजीविका चला रही हैं।

कान्तीदेवी का आरोप है कि नगर पालिका परिषद फर्रुखाबाद के कुछ अधिकारी और जनप्रतिनिधि जबरन तालाब का सौंदर्यीकरण कराना चाहते हैं। उन्होंने शिकायत में उल्लेख किया है कि नगर पालिका अध्यक्ष वत्सला अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, कादरीगेट थाना प्रभारी कपिल चौधरी, पिंकी पत्नी रमेश कवाड़ी, सभासद धर्मेन्द्र कनौजिया और ईओ विनोद शुक्ला तालाब स्थल पर पहुंचकर सौंदर्यीकरण को लेकर दबाव बना चुके हैं।

पीड़िता का कहना है कि यह पूरा मामला दीवानी न्यायालय में पहले से ही विचाराधीन है। भारतीय कानून के अनुसार, जब कोई विवाद सिविल कोर्ट में लंबित हो, तब तक किसी भी प्रकार का प्रशासनिक या पुलिस हस्तक्षेप नियमों के विरुद्ध माना जाता है।

इसके बावजूद नगर पालिका के कर्मचारी आशीष के माध्यम से लगातार दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया गया है। पीड़िता ने एसपी से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और कोर्ट के अंतिम निर्णय तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई रोकी जाए

फर्रुखाबाद तालाब सौंदर्यीकरण विवाद अब प्रशासन, नगर पालिका और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ा एक संवेदनशील और गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है, जिस पर आमजन और प्रशासन दोनों की नजरें टिकी हैं।

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