पानीपत
पानीपत में इनेलो के जिलाध्यक्ष कुलदीप राठी के भाई डॉक्टर जयदीप राठी की हत्या गोली मारकर हत्या कर दी गई। 27 दिसंबर को पंजाब के जीरकपुर में आरोपियों ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। साथ ही शव भी ठिकाने लगा दिया गया। हालांकि अभी शव बरामद नहीं हुआ है।
रविवार को पुलिस ने यमुनानगर के चहरवाला गांव से एक आरोपी जसविंदर उर्फ जस्सी को हिरासत के लेकर पूछताछ की तो हत्या की वारदात का खुलासा हुआ। जिसके बाद डीएसपी समालखा नरेंद्र कादियान ने दोपहर करीब 12 बजे कुलदीप राठी को इसकी जानकारी दी थी। साथ ही अन्य आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी।
इसबीच देर रात पुलिस को दो आरोपियों के पानीपत के रिफाइनरी रोड नहर पटरी पर होने की सूचना मिली। सीआईए-1 ओर 2 की टीम वहां पहुंची तो आरोपियों के साथ मुठभेड़ हो गई। जिसमें पैर में गोली लगने आए एक आरोपी गुरदर्शन घायल हो गया।

वहीं, उसका साथ जलजीत मौके के भाग गया। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस मामले में पुलिस चार आरोपियों को शुक्रवार को गिरफ्तार कर चुकी है। मुठभेड़ के बाद जस्सी और गुरुदर्शन को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
इनेलो जिला अध्यक्ष कुलदीप राठी के अनुसार, डीएसपी कादियान ने उन्हें बताया कि उनके भाई अब इस दुनिया में नहीं रहे। आरोपियों ने अपहरण के दिन (27 दिसंबर) ही उनकी हत्या कर दी थी।
जयदीप राठी की हत्या की सूचना मिलने के बाद इनेलो कार्यकर्ता और करीबी उनके आवास पर पहुंच गए। कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। चर्चा है कि अपराधियों ने हत्या के बाद उनका शव जलाने का प्रयास किया और शव अधजली अवस्था में नहर में फेंक दिया।
इनेलो जिलाध्यक्ष राठी ने बताया कि उनके भाई डॉ. जयदीप राठी 27 दिसंबर को घर से बाबरपुर स्थित फार्म हाउस पर गए थे। जयदीप राठी के डॉक्टर बेटे प्रतीक ने थाना सेक्टर-13-17 में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बाद में परिजनों को कुछ फुटेज मिली तो उन्होंने दोबारा पुलिस को शिकायत दी थी।
परिजनों ने हरेंद्र राठी, उनके भाई रविंद्र राठी, सुनील शर्मा, प्रीतम और उनके साथियों पर जमीन विवाद में अपहरण करने के आरोप लगाए थे। इसके बाद एक सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंपी थी।
हाई प्रोफाइल मामला होने के कारण बाद पुलिस की चार टीमें जयदीप राठी की तलाश कर रही थीं। पुलिस ने शुक्रवार शाम को चार आरोपियों हरेंद्र राठी, रविंद्र राठी, सुनील शर्मा और प्रीतम को गिरफ्तार कर एक दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। कुछ बैंक डिटेल भी खंगाली थी।
एसपी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि जयदीप राठी की हत्या 27 दिसम्बर को ही पंजाब के जीरकपुर में कर दी गई थी। पुलिस ने रविवार को यमुनानगर के चाहर वाला गांव के पास से एक अन्य आरोपी अंबाला के जसविंदर उर्फ जस्सी को गिरफ्तार किया। जिससे पूछताछ में जयदीप राठी की हत्या होने की बात सामने आई थी। अपहरण के समय जस्सी जयदीप के साथ मौजूद था।
पूछताछ में उसने बताया था कि उसका एक और साथ गुरदर्शन निवासी अंबाला भी उनके साथ था। गुरदर्शन रविवार को अपने अन्य साथी जलजीत उर्फ भोला से मिलने के लिए पानीपत की मुखीजा कालोनी में आया था। पुलिस ने उनकी तलाश शुरू कर दी। देर रात 11:30 बजे सीआईए 1 और 2 कि टीम को सूचना मिली कि दोनों आरोपी रिफाइनरी रोड पर नहर पटरी के पास हैं।
पुलिस की टीमों ने तुरन्त घेराबंदी कर ली और आरोपियों को चेतावनी दी। जिस पर आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने फायरिंग की तो गुरदर्शन पैर में गोली लगने से घायल हो गया। वहीं उसका दूसरा साथी मौके से भागने में कामयाब हो गया।
पुलिस ने घायल को हिरासत में लेकर जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने घायल आरोपी के कब्जे से एक देसी पिस्तौल भी बरामद की है। अभी पुलिस इस पूरे प्रकरण की गहनता से तफ्तीश कर रही है। जिसमे कुछ अन्य नाम भी सामने आ सकते हैं।
जयदीप राठी के लापता होने के बाद पुलिस ने शक के आधार पर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जिसमे एक आरोपी और जस्सी के बैंक खाते की डिटेल खंगाली गई थी। जिसके बाद पुलिस को जस्सी पर शक हुआ था और पुलिस उसकी तलाश में जुट गई थी।

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