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“बहराइच के नया लोधन पुरवा गांव में 3 साल की मासूम जाह्नवी को भेड़िया जबड़े में दबोचकर जंगल की ओर ले गया। पुलिस, वन विभाग और ड्रोन टीमें लगातार तलाश में लगी हैं। जिले में एक महीने में 6वीं वारदात है, जबकि इस साल 8 बच्चों की मौत और 30 लोग घायल हो चुके हैं। CM योगी पहले ही भेड़िए को पकड़ने या न पकड़ पाने पर शूट करने का निर्देश दे चुके हैं।”

बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में भेड़िए के आतंक की एक और दर्दनाक घटना सामने आई है। नया लोधन पुरवा गांव में घर के बाहर खेल रही 3 साल की मासूम जाह्नवी को एक भेड़िया उठाकर जंगल की ओर ले गया। घटना सुबह 11 बजे हुई।

परिजन बच्ची को तलाशते रहे लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। शोर मचने पर ग्रामीण इकट्ठा हुए और तुरंत पुलिस व वन विभाग को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची टीमों ने ड्रोन कैमरों की मदद से घने जंगल, खेत और नालों तक पूरी इलाके की घेराबंदी कर खोज अभियान शुरू किया है।

कैसे हुआ हमला? प्रत्यक्षदर्शियों की दहशत भरी कहानी

घटना के चश्मदीद ग्रामीणों ने बताया कि भेड़िया अचानक झाड़ियों से निकला और खेल रही बच्ची पर झपट पड़ा।
वह बच्ची को जबड़ों में दबोचकर तेज़ी से जंगल की ओर भाग गया।

“सब कुछ कुछ ही सेकेंड में हो गया… कोई समझ पाता, उससे पहले भेड़िया गायब हो चुका था।” – एक ग्रामीण

बहराइच में भेड़ियों का 1 महीने का खौफ—6 बच्चों की मौत

बहराइच के 50 से ज्यादा गांव पिछले एक महीने से दहशत में हैं। आंकड़े बेहद डराने वाले हैं—

तारीख घटना

  • 10 सितंबर 7 साल की बच्ची को खाना खाते समय उठा ले गया—शव खेत में मिला
  • 13 सितंबर 3 महीने की बच्ची को मां की गोद से उठा ले गया—सिर्फ सिर की हड्डी मिली
  • 20 सितंबर 3 साल के अंकेश को उठा ले गया—अब तक लापता
  • 24 सितंबर आंगन में सो रही 3 साल की बच्ची को ले गया—हाथ खा गया
  • 30 सितंबर खेत की रखवाली कर रहे दंपत्ति पर हमला—दोनों की मौत
  • आज की घटना 3 साल की जाह्नवी को उठा ले गया—बच्ची का पता नहीं

2025 के अब तक के आंकड़े: 8 मासूमों की मौत, 30 घायल

वन विभाग का दावा—
🔹 इलाके में 4 भेड़िए हमलावर थे
🔹 3 भेड़िए मार गिराए गए
🔹 चौथा भेड़िया गोली लगने के बावजूद भाग निकला और वही हमलों की श्रृंखला चला रहा है

CM योगी का हस्तक्षेप—‘न मिले तो शूट कर दो’ आदेश

27 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था।
उन्होंने स्पष्ट कहा था:

“अगर भेड़िया पकड़ में नहीं आता, तो उसे शूट कर दिया जाए।”

उसके बाद से जंगलों में कॉम्बिंग बढ़ाई गई है, लेकिन ताज़ा घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पिछले साल भी था आतंक—9 बच्चों की मौत

  • 2024 में :
  • महसी तहसील के मक्का पुरवा, नकवा, कुलैला, हिंद सिंह, सिसैया चूड़ामणि
  • इन गांवों में 9 बच्चों की मौत हुई थी।
  • 60 से ज्यादा हमले दर्ज हुए थे।

ढाई सौ वनकर्मी, पुलिस और विशेषज्ञों की टीम के 40 दिन के बड़े अभियान के बाद 6 भेड़ियों को पकड़ा गया था।

विशेषज्ञों का बयान—“भेड़िए भूख के कारण मानव क्षेत्र में घुस रहे”

वन विशेषज्ञ बताते हैं कि—
✔ जंगल कम होना
✔ मवेशियों की कमी
✔ गांवों का जंगलों के करीब बढ़ना

इन कारणों से भूखे भेड़िए मानव क्षेत्र में घुस आए हैं और छोटे बच्चों को आसान शिकार मानकर उठा ले जा रहे हैं।

भारत में कुल कितने भेड़िए?

भारतीय भेड़िया (Indian Grey Wolf) को कहते हैं—
Ghost of Grassland (घास के मैदान का भूत) क्योंकि यह चुपचाप हमला करता है और गायब हो जाता है।

भारत में अनुमानित—
2000 से 3000 भेड़िए ही बचे हैं।
इनमें से कई मानव बसाहट के करीब आ गए हैं, जिससे संघर्ष बढ़ रहा है।

ग्रामीणों में गुस्सा और दहशत—बच्चों को घरों से बाहर निकालने में डर

इलाके के स्कूलों ने सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया है। माता-पिता बच्चों को बाहर खेलने नहीं दे रहे।
ग्रामीणों का कहना है—
“भेड़िया जंगल से नहीं, गांव में घूम रहा है… हमें डर है अगला कौन होगा।”

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