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मणिपुर से राष्ट्रपति शासन तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। गृह मंत्रालय ने अधिसूचना जारी की। BJP-NDA नेता वाई. खेमचंद सिंह ने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया।

हाइलाइट्स :

  • मणिपुर से राष्ट्रपति शासन तत्काल प्रभाव से समाप्त
  • गृह मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर दी जानकारी
  • NDA नेता वाई. खेमचंद सिंह ने सरकार बनाने का दावा पेश किया
  • राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से राजभवन में हुई मुलाकात
  • केंद्रीय पर्यवेक्षक तरुण चुघ भी बैठक में रहे मौजूद

नई दिल्ली। मणिपुर में पिछले एक वर्ष से लागू राष्ट्रपति शासन को केंद्र सरकार ने हटा दिया है। गृह मंत्रालय ने बुधवार को अधिसूचना जारी कर राज्य में राष्ट्रपति शासन को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की घोषणा की। यह फैसला राज्य में राजनीतिक स्थिरता बहाल करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

गृह मंत्रालय की अधिसूचना के बाद राज्य में नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी क्रम में एनडीए नेता वाई. खेमचंद सिंह ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ए. शारदा देवी के साथ राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात कर सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश किया।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि खेमचंद सिंह के नेतृत्व में एनडीए का प्रतिनिधिमंडल राजभवन पहुंचा था। इस दौरान भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक तरुण चुघ भी मौजूद रहे। खास बात यह रही कि प्रतिनिधिमंडल में कुकी बहुल जिलों चुराचांदपुर और फेरजॉल के दो विधायक भी शामिल थे, जिससे राजनीतिक संतुलन को लेकर संकेत मिले हैं।

गौरतलब है कि मणिपुर में फरवरी 2025 में भीषण हिंसा के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के पश्चात राष्ट्रपति शासन लगाया गया था। 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल वर्ष 2027 तक है।

अब राष्ट्रपति शासन हटने के बाद राज्य में नई सरकार के गठन से शांति बहाली, प्रशासनिक स्थिरता और विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती जातीय हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों में भरोसा बहाल करना और कानून-व्यवस्था को पूरी तरह नियंत्रण में लाना होगा।

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