बाराबंकी |
यूपी के बाराबंकी में नहर में उतराती मिली लाश की पहचान रविवार को सीतापुर जिले से लापता छात्रा के रूप में हुई। पुरुषों जैसे कपड़े पहने होने के चलते उसकी पहचान में थोड़ा समय लगा। रविवार को पहचान होने के बाद पहुंचे घरवाले रो-रोकर बेहाल उठे। परिजनों ने एक युवक की प्रताड़ना से तंग आकर बेटी के आत्महत्या करने की बात कही।
मामला सीतापुर के बिसवा थाना क्षेत्र के नेवराजपुर गांव का है। गांव निवासी सरदार जगदीप सिंह की तीन बेटियां थी। बड़ी बेटी महकप्रीत कौर (16) शहर के एक कॉलेज में बीबीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी। पढ़ाई में होशियार और स्वभाव से आत्मनिर्भर महकप्रीत रोजाना बाइक से कॉलेज जाती थी।
बताया गया कि 15 दिसंबर को वह कॉलेज जाने के लिए घर से निकली थी। लेकिन, शाम तक वापस नहीं लौटी। परिजनों ने खोजबीन की पर कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पिता की तहरीर पर बिसवां कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई। इसके अगले दिन शारदा सहायक नहर की पटरी पर उसकी बाइक मिली। इससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई।
इधर, एक जनवरी को बाराबंकी के फतेहपुर कोतवाली क्षेत्र में जरखा गांव के पास पुल के नीचे नहर में एक शव बरामद हुआ। शव कई दिन पुराना था। मृतका ने पैंट, शर्ट, बेल्ट और पगड़ी पहन रखी थी। इससे उसे युवक मान लिया गया। इसी आधार पर शव को मेल श्रेणी में पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया। 72 घंटे तक सुरक्षित रखा गया।
पुलिस ने आसपास के जिलों समेत सीतापुर सूचना प्रसारित की। सूचना पर रविवार को जगदीप सिंह अपने परिजनों और सीतापुर के सिख समुदाय के लोगों के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। शव देखकर परिजनों ने उसकी पहचान महकप्रीत कौर के रूप में की।
पिता जगदीप सिंह ने बताया कि शुरू में बेटी को प्रताड़ित किया जा रहा था। पहले उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। बाद में पता चला कि उनके ही जिले का निशांत बेटी को परेशान कर रहा था। यह बात महकप्रीत ने अपनी छोटी बहन सहजप्रीत कौर को बताई थी। बदनामी के डर से परिजनों से यह बात नहीं बताई।
बाराबंकी पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का वास्तविक कारण पता चल सकेगा। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।

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