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मॉडर्न फ्यूजन थीम पर सजा फूड फेयर का भव्य आयोजन गोरखपुर के चन्द्रकान्ति रमावती देवी आर्य महिला पीजी कॉलेज में हुआ, जहां छात्राओं ने होली स्पेशल व्यंजनों को आधुनिक फ्यूजन अंदाज में प्रस्तुत किया। शिक्षा, उद्यमशीलता और टीमवर्क का अनूठा उदाहरण देखने को मिला।

हाइलाइट्स:

  • गोरखपुर में मॉडर्न फ्यूजन थीम पर सजा फूड फेयर का आयोजन
  • डॉ. अर्चना तिवारी ने शिक्षा संग उद्यमशीलता पर दिया जोर
  • होली स्पेशल व्यंजनों की आकर्षक फ्यूजन प्रस्तुति
  • स्वाद, स्वच्छता और प्रस्तुति के आधार पर हुआ मूल्यांकन
  • स्ट्रॉबेरी सैगो कस्टर्ड ने जीता प्रथम स्थान

गोरखपुर। होली के रंगों के बीच स्वाद और सृजनात्मकता का अनोखा संगम उस समय देखने को मिला, जब चन्द्रकान्ति रमावती देवी आर्य महिला पी.जी. कॉलेज में “मॉडर्न फ्यूजन डिशेज इन होली : विविध स्वरूप” थीम पर आधारित भव्य फूड फेयर का आयोजन किया गया। गृह विज्ञान विभाग एवं आई.क्यू.ए.सी. के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में छात्राओं ने पारंपरिक होली व्यंजनों को आधुनिक फ्यूजन शैली में प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रख्यात शिक्षाविद एवं पूर्वांचल में गृह विज्ञान विषय की संस्थापक डॉ. अर्चना तिवारी ने कहा कि शिक्षा तभी सार्थक होती है जब वह विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर और उद्यमशील बनाए। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क और नवाचार की भावना विकसित करना है। विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवाओं की रचनात्मक शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

मुख्य अतिथि ने फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और सभी स्टॉलों का अवलोकन कर छात्राओं की रचनात्मकता, स्वच्छता और प्रस्तुति कौशल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से छात्राओं में कुकिंग स्किल, प्रबंधन क्षमता और आत्मविश्वास का विकास होता है।

विशिष्ट अतिथि के रूप में मैनेजमेंट कमेटी के चेयरपर्सन श्री पुष्पदंत जैन उपस्थित रहे। उन्होंने छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में हुनर और नवाचार ही सफलता की कुंजी है।

पारंपरिक स्वाद का आधुनिक अंदाज

फूड फेयर में विभिन्न विभागों की छात्राओं ने आकर्षक एवं सुसज्जित स्टॉल लगाए। “गुजियों की बारात” से लेकर “चटपटी पिचकारी पानी पुरी” तक, हर व्यंजन में होली के रंगों की झलक दिखाई दी। “स्ट्रॉबेरी सैगो कस्टर्ड”, “प्रेमी लस्सी”, “न्यूट्री इडली बाउल”, “रंगीला मोमोज”, “गुलाबी रसमलाई”, “फ्लेवर फायर भेलपुरी”, “गोल्डन बाइट कटलेट”, “अन्नपूर्णा बड़ा” और “आलू चाट कचालू” जैसे व्यंजनों ने स्वाद के साथ-साथ प्रस्तुति में भी नवीनता दिखाई।

निर्णायक मंडल ने स्वाद, स्वच्छता, सृजनात्मक प्रस्तुति, प्लेटिंग, गार्निशिंग और थीम आधारित नवाचार को आधार बनाकर मूल्यांकन किया। प्रतियोगिता में “स्ट्रॉबेरी सैगो कस्टर्ड” को प्रथम स्थान, “प्रेमी लस्सी” को द्वितीय स्थान तथा “चटपटी पिचकारी पानी पुरी” और “गुजियों की बारात” को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। “न्यूट्री इडली बाउल” और “बादमे बहारा” को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया। अन्य उत्कृष्ट स्टॉलों को भी प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

समन्वित प्रयास से सफल आयोजन

कार्यक्रम का सफल संचालन गृह विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. सारिका जायसवाल एवं संस्कृति विभागाध्यक्ष डॉ. दिव्या त्रिपाठी ने किया।

इस अवसर पर महाविद्यालय की प्रबंधक डॉ. विजयलक्ष्मी मिश्रा, प्राचार्या डॉ. सुमन सिंह, उप-प्राचार्य डॉ. स्वप्निल पांडेय, आई.क्यू.ए.सी. समन्वयक डॉ. रेखा श्रीवास्तव, बी.एड. विभागाध्यक्ष डॉ. अपर्णा मिश्रा, डॉ. अनिता सिंह, श्रीमती पूजा गुप्ता, सुश्री हुमा हसन सहित अन्य प्रवक्तागण एवं बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं।

फूड फेयर न केवल स्वाद और रंगों का उत्सव रहा, बल्कि यह छात्राओं की प्रतिभा, प्रबंधन कौशल और उद्यमशील सोच का जीवंत उदाहरण भी बना। कार्यक्रम ने यह सिद्ध कर दिया कि शिक्षा जब व्यवहारिक अनुभव से जुड़ती है, तो वह आत्मनिर्भर भविष्य की मजबूत नींव तैयार करती है।

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