
राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़। लखनऊ। लखनऊ मेट्रो के ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।।11.2 किमी लम्बे कॉरिडोर को 05 वर्षों में पूरा करने का होगा। लखनऊ मेट्रो के दूसरे चरण (फेज-1बी) के अंतर्गत में चारबाग से वसंतकुंज के बीच मेट्रो कॉरिडोर होगा निर्मित होगी। पुराने लखनऊ के घने बसे इलाकों से कॉरिडोर गुजरेगा। चारबाग होगा इंटरचेंज स्टेशन, इसमें होंगे 07 अण्डरग्राउण्ड और 05 ऐलीवेटेड मेट्रो स्टेशन बनेगें। इससे लखनऊ के पुराने घने बसे इलाकों को तेज परिवहन सुविधा से आर्थिक गतिविधियों में तेजी आयेगी। ‘‘ईज ऑफ टैªवलिंग’’ साकार होगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसदीय क्षेत्र लखनऊ में स्वीकृत मेट्रो विस्तार के लिए प्रधानमंत्री का हृदय से आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय मंत्री मनोहर लाल का भी आभार व्यक्त किया। सांसद लखनऊ एवं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अगस्त 12 को लखनऊ के चारबाग से वसंत कुंज तक प्रस्तावित मेट्रो विस्तार को मंजूरी देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हृदय से आभार व्यक्त किया। दिल्ली में आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अध्यक्षता में हुई केन्द्रीय कैबिनेट की बैठक में इस परियोजना को मंजूरी मिल गयी। कैबिनेट के फैसले की सराहना करते हुए राजनाथ सिंह ने लखनऊ मेट्रो के फेज 1-बी के पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर विस्तार को प्रतिदिन पुराने शहर क्षेत्र में भीड़भाड़ का सामना करने वाले यात्रियों के लिए वरदान बताया। सांसद लखनऊ एवं रक्षा मंत्री ने लखनऊ में प्रस्तावित मेट्रो विस्तार के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय) के मंत्री मनोहर लाल का भी आभार व्यक्त किया। इस मार्ग का विस्तार चारबाग से वसंत कुंज तक किया जाएगा जिसकी कुल लंबाई 11.165 किलोमीटर होगी। इसमें एलिवेटेड (4.286 किमी) और अंडरग्राउंड (6.879 किमी) दोनों सेक्शन होंगे। साथ ही इस कॉरिडोर पर कुल 12 स्टेशन होंगे। इस विस्तार का उद्देश्य प्रमुख व्यावसायिक जिलों और आवासीय क्षेत्रों को जोड़ना, कनेक्टिविटी में सुधार और सड़कों पर भीड़भाड़ को कम करना है। इस नए कॉरिडोर से प्रतिदिन 2 लाख अतिरिक्त यात्रियों के आवागमन की उम्मीद है। परियोजना पर 5,801 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। केंद्र सरकार की ओर से मिली इस मंजूरी के बाद अब मेट्रो निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी। इससे पूर्व मार्च 2024 में ईस्ट वेस्ट कोरिडोर की डीपीआर को राज्य सरकार का अनुमोदन प्राप्त हुआ था। जुलाई 2024 में परियोजना को नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (एनपीजी) से और मई 2025 में परियोजना की डीपीआर को पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड अर्थात पीआईबी की मंजूरी मिली थी। चारबाग से वसंत कुंज तक प्रस्तावित ईस्ट-वेस्ट कॉरिडारे की कुल लंबाई 11.165 किलोमीटर होगी, जिसमें एलिवेटेड सेक्शन 4.286 किमी0 तथा भूमिगत सेक्शन 6.879 किमी0 का होगा। इस कॉरिडोर में कुल स्टेशनों की संख्या 12 है जिसमें 07 भूमिगत और 5 एलीवेटेड स्टेशन हैं। ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर में 12 मेट्रो स्टेशन होंगे। यह कॉरिडोर लखनऊ मेट्रो के मौजूदा नार्थ-साउथ कॉरिडोर के चारबाग मेट्रो स्टेशन से जुड़ेगा। चारबाग मेट्रो स्टेशन इंटरचंेज स्टेशन के तौर पर काम करेगा जहां से यात्री एक से दूसरे कॉरिडोर में जाने के लिए मेट्रो बदल सकेंगे। द्वितीय कॉरिडोर के स्टेशन इस प्रकार हैरू- चारबाग (भूमिगत), गौतमबुद्ध नगर (भूमिगत), अमीनाबाद (भूमिगत), पाण्डेयगंज (भूमिगत), सिटी रेलवे स्टेशन (भूमिगत), मेडिकल चौराहा (भूमिगत), चौक (भूमिगत), ठाकुरगंज (एलिवेटेड), बालागंज (एलिवेटेड), सरफराजगंज (एलिवेटेड), मूसाबाग (एलिवेटेड), वसंतकुंज (एलिवेटेड)। कॉरिडोर से सिटी रेलवे स्टेशन, केजीएमयू मेडिकल कालेज, अमीनाबाद,चौक, ठाकुरगंज आदि को कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके साथ ही लखनऊ शहर में मेट्रो का विस्तार 35 किलोमीटर का हो जायेगा। नए एयरपोर्ट का निर्माण हुआ। गोमती नगर रेल टर्मिनस का निर्माण, चारबाग स्टेशन का उच्चीकरण, आलमनगर सेटेलाइट स्टेशन, उतरठिया, ट्रांसपोर्ट नगर, ऐशबाग, डालीगंज, बादशाहनगर आदि रेल स्टेशनों का उच्चीकरण हुआ। 17 फ्लाईओवरों का निर्माण पूर्ण हुआ और 08 फ्लाईओवरों का निर्माण प्रगति पर है। इसी कड़ी में मेट्रो रेल के दूसरे चरण की स्वीकृति प्राप्त हो गयी है। इस प्रकार नगर के चौतरफा विकास से रोजगार सृजन और आर्थिक उन्नति तथा ‘‘ईज ऑफ लिविंग’’ में तेजी से वृद्धि होती जायेगी।