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“RSS प्रमुख मोहन भागवत लखनऊ गीता प्रेरणा उत्सव में बोले कि भारत एक हिंदू समाज और हिंदू राष्ट्र है। गीता के 700 श्लोकों में समस्त विश्व ज्ञान का सार है।”

लखनऊ। RSS प्रमुख मोहन भागवत लखनऊ गीता प्रेरणा उत्सव में शनिवार को शामिल हुए, जहाँ उन्होंने भगवद्गीता को संपूर्ण मानवता का शाश्वत मार्गदर्शक बताया। लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में आयोजित इस भव्य आध्यात्मिक उत्सव में हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे।

अपने प्रभावशाली संबोधन में मोहन भागवत ने कहा—

“हम भारत के लोग हैं—एक हिंदू समाज और हिंदू राष्ट्र। हमें धर्म का पालन करना चाहिए, अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए और दुनिया को सेवा व त्याग का संदेश देना चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा कि “भगवान वेदव्यास ने गीता के 700 श्लोकों में विश्व की सभी परंपराओं, ज्ञान, दर्शन और भावी दिशा का सार समाहित कर दिया है।”

गीता—कर्तव्य, संतुलन और सत्य का मार्ग

भागवत ने कहा कि गीता वर्तमान समय की जटिलताओं में मनुष्य को स्थिरता, विवेक और साहस देती है। धर्म सिर्फ पूजा-पाठ नहीं, बल्कि कर्तव्य पालन और सही मार्ग पर दृढ़ता है।

लखनऊ में भव्य आयोजन और संतों की उपस्थिति

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन, ऋषि कुमारों के शांति पाठ, शंखनाद और वंदे मातरम् के गायन के साथ हुई।
समारोह में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, संत समाज और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे।

आयोजन समिति के अनुसार, यह कार्यक्रम गीता जयंती 2026 की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
उद्देश्य है—गीता के सार्वभौमिक संदेश को अधिकतम लोगों तक पहुँचाना।

भारतीय जीवन दर्शन पर जोर

भागवत ने कहा—

“हमने कभी अपनी श्रेष्ठता का ढोल नहीं पीटा, लेकिन भारत ने दुनिया को ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की अवधारणा और ‘जीयो और जीने दो’ का संदेश दिया।”

उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे आधुनिकता के साथ भारतीय संस्कृति और कर्तव्यबोध को संतुलित करें।

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विशेष संवाददाता – मनोज शुक्ल

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