
राष्ट्रीय प्रस्तावना न्यूज़ नेटवर्क
बस्ती :जिले के विद्युत मुख्यालय पर बिजली कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन जारी है। मंगलवार को वामपंथी श्रमिक संगठन ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स (ऐक्टू) ने धरने को समर्थन दिया। धरने की अध्यक्षता कामरेड अशर्फीलाल ने की। उन्होंने कहा कि सरकार सार्वजनिक संस्थाओं का निजीकरण कर जनहित के खिलाफ काम कर रही है। विद्युत विभाग के निजीकरण से कर्मचारियों की नौकरी खतरे में पड़ेगी। साथ ही उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। कर्मचारियों का कहना है कि निजी कंपनियों के आने से बिजली की दरें अनियंत्रित हो जाएंगी। इससे सेवा की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी। भाकपा माले के जिला प्रभारी राम लौट भी धरने में शामिल हुए। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि वे निजीकरण को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार अपनी नीति वापस नहीं लेती है तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। ऐक्टू नेताओं ने कहा कि बिजली जैसी आवश्यक सेवा निजी हाथों में नहीं दी जानी चाहिए। उनका कहना है कि यह सिर्फ कर्मचारियों का नहीं, बल्कि आम जनता के अधिकारों का मुद्दा है।