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अलीगढ़ के प्राथमिक विद्यालय शाहपुर कुतुब में वंदेमातरम बोलने को लेकर शिक्षक और हेडमास्टर में विवाद। अभद्रता के आरोप में सहायक अध्यापक सस्पेंड।

अलीगढ़। उच्च प्राथमिक विद्यालय शाहपुर कुतुब में गुरुवार सुबह उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब प्रार्थना सभा में वंदेमातरम के उच्चारण को लेकर एक शिक्षक ने खुलकर विरोध जताया।

बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत सहायक अध्यापक शमसुल हसन ने छात्रों और शिक्षकों के सामने यह कहते हुए वंदेमातरम बोलने से मना कर दिया कि—
“यह हमारे मजहब के खिलाफ है… हम इसे नहीं बोल सकते।”

इस दौरान स्कूल की हेडमास्टर सुषमा रानी और कई शिक्षकों ने हसन को समझाने की कोशिश की, क्योंकि वंदेमातरम राष्ट्रीय भावना और संविधानिक परंपरा से जुड़ा हुआ गीत है, जिसे कई विद्यालयों में प्रार्थना का हिस्सा बनाया जाता है।

लेकिन सहायक अध्यापक ने न सिर्फ विरोध जारी रखा बल्कि हेडमास्टर से अभद्रता भी की, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। अन्य शिक्षकों ने किसी तरह स्थिति को शांत कराया।

◼ BSA ने की तत्काल कार्रवाई

शिकायतें मिलने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA), अलीगढ़ ने पूरे मामले की जांच कर प्राथमिक स्तर पर शिक्षक शमसुल हसन को निलंबित कर दिया है। विभाग का कहना है कि—

“शैक्षणिक वातावरण में किसी भी प्रकार की अभद्रता, टकराव और राष्ट्रीय प्रतीकों का विरोध स्वीकार नहीं।”

BSA ने जांच कमेटी गठित कर दी है, जो यह देखेगी कि क्या शिक्षक ने जानबूझकर माहौल खराब किया या कोई और कारण था।

◼ स्कूल में पढ़ते हैं कई मुस्लिम छात्र

शिक्षक ने तर्क दिया कि कक्षा में मुस्लिम बच्चे भी पढ़ते हैं और वंदेमातरम बोलना उनके मजहब के खिलाफ है। हालांकि शिक्षा विभाग का कहना है कि वंदेमातरम भारत का राष्ट्रीय गीत है और इसे विरोध के रूप में लेना उचित नहीं है।

◼ स्थानीय स्तर पर बढ़ी चर्चा

घटना के बाद गांव में अहसास है कि स्कूल जैसे संवेदनशील स्थान पर शिक्षकों को संयमित और राष्ट्रहित के अनुरूप आचरण रखना चाहिए। कई अभिभावकों ने कार्रवाई का समर्थन किया है।

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