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गोरखनाथ मंदिर खिचड़ी मेला 2026 मकर संक्रांति पर 15 जनवरी को मनाया जाएगा। त्रेतायुगीन परंपरा वाले इस विश्व प्रसिद्ध मेले में सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में आधुनिक सुरक्षा, रोडवेज बसें और स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी।

गोरखनाथ मंदिर खिचड़ी मेला 2026 की भव्य तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर 15 जनवरी को गोरखपुर स्थित विश्व प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर में लगने वाला खिचड़ी मेला श्रद्धा, आस्था और उल्लास का अद्भुत संगम बनता जा रहा है। त्रेतायुग से चली आ रही इस परंपरा को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासनकाल में आधुनिक स्वरूप प्रदान किया गया है।

गोरखनाथ मंदिर तक पहुंचने वाले मार्गों को दुल्हन की तरह सजाया गया है। आधुनिक तकनीक से लैस सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं चार बार व्यवस्थाओं की समीक्षा कर चुके हैं।

रोडवेज और रेलवे की विशेष व्यवस्था

गोरखनाथ मंदिर खिचड़ी मेला 2026 के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही को आसान बनाने के लिए यूपी रोडवेज 13 रूटों से 450 खिचड़ी मेला स्पेशल बसें चलाएगा। क्षेत्रीय प्रबंधक लव कुमार सिंह के अनुसार बस सेवा 13 जनवरी सुबह 4 बजे से 16 जनवरी तक जारी रहेगी। अलग-अलग रूटों पर 15 मिनट से एक घंटे के अंतराल पर बसें उपलब्ध रहेंगी।

पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से भी मेला स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी, जिनका ठहराव नकहा जंगल स्टेशन सहित कई प्रमुख स्टेशनों पर दिया गया है।

श्रद्धालुओं के लिए ठहरने की व्यवस्था

नगर निगम की ओर से 16 रैन बसेरों में 735 श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की गई है। स्थायी और अस्थायी रैन बसेरों में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम

श्रद्धालुओं की सहायता के लिए 13 से 16 जनवरी तक 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। रोडवेज बस स्टेशन और मंदिर परिसर में अलग-अलग कंट्रोल रूम कार्यरत रहेंगे।

त्रेतायुगीन परंपरा का इतिहास

गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ के अनुसार, खिचड़ी चढ़ाने की परंपरा त्रेतायुगीन है। मान्यता है कि आदियोगी गुरु गोरखनाथ ने भिक्षा में प्राप्त अन्न से खिचड़ी बनाकर मकर संक्रांति पर भोग अर्पित करने की परंपरा शुरू की थी। तभी से हर वर्ष मकर संक्रांति पर खिचड़ी पर्व मनाया जाता है।

योगी आदित्यनाथ करेंगे प्रथम अर्पण

मकर संक्रांति की भोर में सबसे पहले गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी अर्पित करेंगे। इसके बाद नेपाल राजपरिवार सहित देश-विदेश से आए श्रद्धालु खिचड़ी चढ़ाएंगे।

सामाजिक समरसता का प्रतीक

गोरखनाथ मंदिर और खिचड़ी मेला सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण है। यहां जाति-धर्म से ऊपर उठकर हजारों लोगों को रोजगार मिलता है। मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में हर समुदाय की समान भागीदारी देखने को मिलती है।

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