“Karnataka CM Change: राहुल गांधी से मुलाकात के बाद डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार की क्रिप्टिक पोस्ट ने कर्नाटक कांग्रेस में मुख्यमंत्री बदलाव को लेकर नई अटकलों को जन्म दे दिया है।”
हाइलाइट्स :
- डीके शिवकुमार और राहुल गांधी की अहम मुलाकात
- मुलाकात के बाद शेयर की गई रहस्यमयी पोस्ट
- कर्नाटक में सीएम बदलने की चर्चाएं फिर तेज
- 2.5 साल के फॉर्मूले की फिर वापसी
- कांग्रेस आलाकमान की रणनीति पर नजर
नई दिल्ली। Karnataka CM Change: कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। वजह बना है डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार का सोशल मीडिया पोस्ट, जो उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात के ठीक बाद साझा किया।
बुधवार, 14 जनवरी की सुबह डीके शिवकुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा—
“प्रयास असफल हो सकता है, लेकिन प्रार्थना कभी असफल नहीं होती।”
इस संदेश को कांग्रेस के भीतर चल रही सियासी खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है।
पोस्ट के पीछे का संकेत?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पोस्ट डीके शिवकुमार के धैर्य, उम्मीद और नेतृत्व की आकांक्षा को दर्शाती है। कर्नाटक कांग्रेस में यह कोई नई बात नहीं है कि शिवकुमार खुद को मुख्यमंत्री पद का प्रबल दावेदार मानते रहे हैं।
आधा कार्यकाल, आधी राजनीति
कांग्रेस सरकार के गठन के समय कथित तौर पर 2.5 साल–2.5 साल का पावर शेयरिंग फॉर्मूला चर्चा में था। अब जब सरकार अपने कार्यकाल के मध्य चरण में पहुंच चुकी है, तो यह मुद्दा फिर सतह पर आ गया है।
सार्वजनिक एकता, अंदरूनी खींचतान
हाल के दिनों में डीके शिवकुमार और मुख्यमंत्री सिद्दरमैया कई बार साथ नजर आए हैं। दोनों नेताओं ने सार्वजनिक मंचों से पार्टी की एकता का संदेश देने की कोशिश भी की है, लेकिन अंदरखाने नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें थमी नहीं हैं।
राहुल गांधी का रोल अहम
मंगलवार, 13 जनवरी को राहुल गांधी कर्नाटक दौरे पर थे। उन्होंने पहले मुख्यमंत्री सिद्दरमैया और फिर डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार से अलग-अलग बातचीत की। इसके बाद दोनों नेताओं को एक साथ बैठाकर भी चर्चा की गई।
सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने सरकार के कामकाज और आगामी बजट सत्र पर फोकस रखा। हालांकि मुख्यमंत्री सिद्दरमैया ने साफ किया है कि किसी भी राजनीतिक बदलाव पर चर्चा नहीं हुई।
अब आगे क्या?
फिलहाल कांग्रेस हाईकमान की ओर से मुख्यमंत्री बदलने को लेकर कोई आधिकारिक संकेत नहीं मिला है। लेकिन डीके शिवकुमार की पोस्ट ने यह साफ कर दिया है कि कर्नाटक की राजनीति में अभी कई अध्याय बाकी हैं।







































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































