उत्तर प्रदेश बजट सत्र 2026, यूपी बजट 2026-27, यूपी विधानसभा सत्र, लखनऊ विधानसभा समाचार, योगी सरकार बजट,UP Budget Session 2026, Uttar Pradesh Budget 2026-27, UP Assembly Session, Lucknow Political News,यूपी बजट सत्र, उत्तर प्रदेश विधानसभा, बजट पेश करते वित्त मंत्री,UP Budget Session, Uttar Pradesh Assembly, UP Finance Minister Budget,#UPBudget2026, #UttarPradeshAssembly, #BudgetSession, #LucknowNews, #YogiGovernment, #UPPolitics, #StateBudget, #राष्ट्रीयप्रस्तावना,

उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र 9 फरवरी 2026 से शुरू होगा। 11 फरवरी को योगी सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेगी। तिथिवार कार्यक्रम जारी।

हाइलाइट्स :

  • उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र 9 फरवरी से शुरू होगा
  • 11 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा
  • राज्यपाल आनंदीबेन पटेल देंगी अभिभाषण
  • 16 से 20 फरवरी तक बजट पर विस्तृत चर्चा होगी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश बजट सत्र 2026 को लेकर विधानमंडल का तिथिवार कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश विधान सभा और विधान परिषद का बजट सत्र 9 फरवरी से शुरू होगा, जिसमें 11 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा।

विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सत्र के प्रस्तावित कार्यक्रम को अनंतिम रूप से स्वीकृति दे दी है। हालांकि, इस पर अंतिम निर्णय कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में लिया जाएगा।

कार्यक्रम के अनुसार, सत्र की शुरुआत 9 फरवरी को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण से होगी। इस दौरान सरकार की ओर से कुछ अध्यादेश और विधेयक भी सदन के पटल पर रखे जाएंगे।

10 फरवरी को सदन में दिवंगत विधायकों के निधन की सूचना दी जाएगी। बरेली के फरीदपुर से भाजपा विधायक श्याम बिहारी लाल और सोनभद्र के दुद्धी से सपा विधायक विजय सिंह के निधन पर शोक प्रस्ताव के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी जाएगी।

11 फरवरी को वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना विधानसभा में बजट प्रस्तुत करेंगे, जबकि विधान परिषद में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य बजट रखेंगे। इसके बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा शुरू होगी, जो 13 फरवरी तक चलेगी।

16 फरवरी से 20 फरवरी तक बजट पर विस्तृत चर्चा होगी। सत्र के अंतिम दिन उत्तर प्रदेश विनियोग विधेयक पारित किए जाने के साथ बजट सत्र का समापन होगा।

बजट सत्र के दौरान समिति बैठकों पर रोक

बजट सत्र के दौरान मंडल और जिला समितियों की बैठकें आयोजित नहीं की जाएंगी, जिनमें सांसद या विधायक सदस्य के रूप में नामित हैं। संसदीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव जेपी सिंह ने इस संबंध में सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।

यदि बैठक अपरिहार्य हो, तो उसे तभी आयोजित किया जाएगा जब लोकसभा, राज्यसभा और विधानमंडल सत्र लगातार तीन दिनों के लिए स्थगित हों।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *