“Somnath Temple 1000 Years पूरे होने पर गुजरात के गिर सोमनाथ में स्वाभिमान पर्व आयोजित। पीएम मोदी ने कहा— आक्रांता मिट गए, लेकिन सोमनाथ आज भी भारत की आस्था और शक्ति का प्रतीक है।”
पीएम बोले— सोमनाथ का इतिहास पराजय नहीं, पुनर्निर्माण का है
गिर सोमनाथ (गुजरात)। सोमनाथ मंदिर पर महमूद गजनी द्वारा किए गए आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे होने पर रविवार को गुजरात के गिर सोमनाथ में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शौर्य यात्रा का नेतृत्व किया, मंदिर में पूजा-अर्चना की और देश को संबोधित करते हुए भारत की सभ्यतागत शक्ति का संदेश दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,
“गजनी हो या औरंगज़ेब— सभी आक्रांता इतिहास में दफन हो चुके हैं, लेकिन सोमनाथ मंदिर आज भी उसी गौरव और श्रद्धा के साथ खड़ा है।”
उन्होंने कहा कि सोमनाथ का इतिहास विनाश और हार का नहीं, बल्कि त्याग, बलिदान और पुनर्निर्माण का इतिहास है।
शौर्य यात्रा और 108 अश्वों की झांकी
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत आयोजित शौर्य यात्रा में 108 अश्वों की भव्य झांकी निकाली गई, जो साहस और बलिदान का प्रतीक रही। यात्रा मार्ग के दोनों ओर हजारों श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। प्रधानमंत्री मोदी विशेष वाहन पर सवार होकर लोगों का अभिवादन करते नजर आए।
वीर हमीरजी गोहिल को श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री ने वीर हमीरजी गोहिल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की, जिन्होंने 1299 ईस्वी में सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे।
पुनर्निर्माण का विरोध करने वाली ताकतों पर हमला
पीएम मोदी ने कहा कि आज़ादी के बाद भी सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का विरोध किया गया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा,
“तुष्टीकरण की राजनीति करने वाली ताकतें आज भी सक्रिय हैं। हमें सतर्क, एकजुट और शक्तिशाली बने रहना होगा।”
सोमनाथ: भारत की सभ्यतागत आत्मा
प्रधानमंत्री ने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत की सभ्यतागत निरंतरता, आस्था और आत्मसम्मान का जीवंत प्रमाण है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026, आज़ादी के बाद पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन के 75 वर्ष पूरे होने का भी प्रतीक है।