“यूपी बीजेपी में अंदरूनी कलह की चर्चाएं तेज। शंकराचार्य विवाद पर सीएम योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम के अलग-अलग बयान, मोहन भागवत की लखनऊ यात्रा के दौरान अलग मुलाकातों से सियासी अटकलें बढ़ीं। लखनऊ, उत्तर प्रदेश राजनीतिक खबर।“
हाइलाइट्स:
- शंकराचार्य विवाद पर सीएम और डिप्टी सीएम के अलग बयान
- संघ प्रमुख मोहन भागवत की लखनऊ यात्रा से बढ़ीं चर्चाएं
- योगी, केशव मौर्य और बृजेश पाठक की अलग-अलग मुलाकातें
- सियासी विश्लेषकों ने नए समीकरणों के संकेत बताए
- भाजपा नेतृत्व की चुप्पी से अटकलों को बल
अभयानंद शुक्ल
कार्यकारी सम्पादक
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों शंकराचार्य विवाद को लेकर सियासी तापमान बढ़ा हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दोनों डिप्टी सीएम— केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक— के अलग-अलग बयानों ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
इसके साथ ही संघ प्रमुख मोहन भागवत की हालिया लखनऊ यात्रा और मुख्यमंत्री व दोनों उपमुख्यमंत्रियों की उनसे अलग-अलग मुलाकातों ने भी अटकलों को हवा दी है।
क्या है पूरा विवाद?
प्रयागराज के संगम क्षेत्र में आयोजित माघ मेले के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के कथित अपमान का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मेला प्रशासन द्वारा उनके शंकराचार्य होने का प्रमाण मांगे जाने और कथित दुर्व्यवहार के बाद विवाद गहराया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में कहा कि “हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं हो सकता।” इसके जवाब में शंकराचार्य ने भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “भगवा पहन लेने से कोई योगी नहीं हो जाता।”
विवाद इतना बढ़ गया है कि शंकराचार्य ने मार्च में संत सम्मेलन बुलाने और मुख्यमंत्री से गौहत्या रोकने की शर्त रखते हुए उन्हें “सच्चा हिंदू साबित करने” की चुनौती दे दी है।
डिप्टी सीएम के बयानों से बढ़ी सियासी चर्चा
विवाद की शुरुआत में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने शंकराचार्य से धरना समाप्त करने की अपील की थी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी। हालांकि बाद में उनकी प्रस्तावित मुलाकात नहीं हो सकी।
अब डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने लखनऊ में बटुकों का सम्मान करते हुए माघ मेले में कथित मारपीट और शिखा खींचने की घटना की निंदा की। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान मुख्यमंत्री की सख्त लाइन से अलग संकेत देता है।
पाठक के बयान की टाइमिंग को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उसी समय मोहन भागवत लखनऊ दौरे पर थे।
अलग-अलग मुलाकातें और बढ़ती अटकलें
सूत्रों के अनुसार, 18 फरवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संघ प्रमुख से लगभग 45 मिनट अकेले में मुलाकात की। इसके बाद दोनों डिप्टी सीएम ने भी अलग-अलग मुलाकात की।
इन अलग-अलग बैठकों को लेकर राजनीतिक हलकों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि भाजपा की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
राजनीतिक विश्लेषण: असहमति या रणनीति?
राजनीतिक विश्लेषक इसे दो नजरियों से देख रहे हैं—
- आंतरिक असहमति का संकेत: कुछ लोगों का मानना है कि यह प्रदेश नेतृत्व के भीतर मतभेद का संकेत हो सकता है।
- रणनीतिक संतुलन: वहीं कुछ जानकार इसे व्यापक सामाजिक समीकरणों को साधने और संभावित असंतोष को संतुलित करने की रणनीति भी बता रहे हैं।
कुछ विश्लेषकों का यह भी कहना है कि हालिया शैक्षिक और वैचारिक विवादों के बाद भाजपा नेतृत्व सामाजिक आधार को मजबूत करने की कोशिश में हिंदुत्व विमर्श को प्रमुखता दे रहा है।
आगे क्या?
फिलहाल भाजपा नेतृत्व की ओर से किसी भी मतभेद से इनकार किया जा रहा है और सार्वजनिक रूप से सब कुछ सामान्य बताया जा रहा है। लेकिन शंकराचार्य विवाद, डिप्टी सीएम के अलग सुर और संघ प्रमुख की बैठकों ने राजनीतिक हलकों में हलचल जरूर बढ़ा दी है।
आने वाले दिनों में यदि संत सम्मेलन या संगठनात्मक स्तर पर कोई बड़ा निर्णय सामने आता है, तो यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह महज राजनीतिक प्रबंधन है या वास्तव में प्रदेश भाजपा में किसी नए समीकरण की आहट।


















































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































































