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“केंद्र सरकार ने 100 MG से अधिक खुराक वाली निमोस्लाइड पेन किलर टैबलेट पर देशभर में बैन लगा दिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे लीवर और किडनी के लिए खतरनाक बताया है।”

हाइलाइट्स :

  • 100 MG से अधिक खुराक वाली निमोस्लाइड टैबलेट पर प्रतिबंध
  • स्वास्थ्य मंत्रालय ने 29 दिसंबर को जारी की अधिसूचना
  • लीवर टॉक्सिसिटी और किडनी डैमेज का खतरा
  • ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड की सिफारिश
  • कई देशों में पहले से ही प्रतिबंधित है दवा
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली पेन किलर दवा निमोस्लाइड (Nimesulide) को लेकर बड़ा और सख्त फैसला लिया है। सरकार ने 100 मिलीग्राम (MG) से अधिक खुराक वाली निमोस्लाइड की ओरल दवाओं के निर्माण, बिक्री और वितरण पर पूरे देश में तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किया नोटिफिकेशन

स्वास्थ्य मंत्रालय ने 29 दिसंबर को इस संबंध में अधिसूचना जारी करते हुए बताया कि 100 MG से अधिक डोज वाली निमोस्लाइड मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। यह फैसला ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 26A के तहत लिया गया है।

लीवर और किडनी पर पड़ता है घातक असर

निमोस्लाइड एक नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग (NSAID) है, जिसका लंबे समय तक या अधिक मात्रा में सेवन—

  • लीवर टॉक्सिसिटी
  • किडनी डैमेज
  • आंतरिक ब्लीडिंग
  • त्वचा पर रैश और एलर्जी

जैसी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। इसी कारण सरकार ने इसे जोखिमपूर्ण बताते हुए बैन लगाने का निर्णय लिया।

DTAB की सलाह के बाद फैसला

स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (DTAB) की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है। बोर्ड ने माना कि इस दवा के कई सुरक्षित विकल्प बाजार में उपलब्ध हैं, ऐसे में निमोस्लाइड की ऊंची खुराक का इस्तेमाल अनावश्यक और खतरनाक है।

पशुओं के इलाज में पहले ही लग चुका है बैन

गौरतलब है कि सरकार ने पशुओं में निमोस्लाइड के उपयोग पर पहले ही प्रतिबंध लगा दिया था। अध्ययनों में सामने आया था कि इस दवा के सेवन से गिद्धों की 24 घंटे के भीतर मौत हो जाती है, जिससे पर्यावरणीय संकट पैदा हुआ।

कई देशों में नहीं मिली मंजूरी

निमोस्लाइड को 1985 में इटली में पेश किया गया था, लेकिन—

  • अमेरिका
  • कनाडा
  • ऑस्ट्रेलिया
  • ब्रिटेन
  • जापान
  • न्यूजीलैंड

जैसे देशों में इसे कभी मंजूरी नहीं मिली।

भारत में पहले से जारी थी चेतावनी

भारत में 2011 में बच्चों में निमोस्लाइड के प्रयोग पर रोक लगाई जा चुकी थी।
मार्च 2023 में इंडियन फार्माकोपिया कमीशन ने चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि यह दवा फिक्स्ड ड्रग एरप्शन (बार-बार एक ही जगह रैश) भी पैदा कर सकती है।

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