“CM योगी ने दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव लखनऊ में कहा कि गीता 140 करोड़ देशवासियों के लिए जीवन का मंत्र है। गीता हमें जीवन जीने की कला सिखाती है।”
लखनऊ। CM योगी गीता प्रेरणा उत्सव लखनऊ में शनिवार को आयोजित दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीमद्भागवत गीता को भारतीय समाज की आध्यात्मिक धरोहर बताया। जनेश्वर मिश्र पार्क में हजारों श्रद्धालुओं और संतों की उपस्थिति में CM योगी ने कहा—
“गीता हमें जीवन जीने की कला सिखाती है। श्रीमद्भागवत गीता देश के 140 करोड़ लोगों के लिए आवश्यक है।”
उन्होंने कहा कि गीता के 18 अध्यायों और 700 श्लोकों में वर्णित उपदेश न केवल सनातन धर्मावलंबियों के लिए, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए दिशा-निर्देशक हैं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के माननीय सरसंघचालक श्रद्धेय डॉ. मोहन भागवत जी के साथ लखनऊ में आयोजित दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव कार्यक्रम में…@RSSorghttps://t.co/KI2cdwGldg
“भारत ने दुनिया को दिया वसुधैव कुटुंबकम का संदेश” — CM योगी
अपने संबोधन में CM योगी ने कहा—
“हमने कभी अपनी श्रेष्ठता का डंका नहीं पीटा। जीयो और जीने दो की अवधारणा भारत की धरती ने ही विश्व को दी है। वसुधैव कुटुंबकम की प्रेरणा भी भारत से ही निकली है।”
उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में गीता का संदेश और भी प्रासंगिक हो गया है, क्योंकि यह मनुष्य को कर्तव्य, धैर्य, संतुलन और आत्मबल का मार्ग सिखाती है।
हमने सब कुछ होते हुए भी कभी अपनी श्रेष्ठता का डंका नहीं पीटा,
जो आया उसको शरण दिया, जिसके ऊपर विपत्ति आई, उसके साथ खड़े हो गए,
RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, वरिष्ठ संत और हजारों श्रद्धालु इस आध्यात्मिक महोत्सव में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन, ऋषि कुमारों के शांति पाठ, शंखनाद और ‘वंदे मातरम्’ के गायन से हुई।
जीओ गीता परिवार का संदेश
आयोजन समिति ने बताया कि यह उत्सव 2026 में होने वाली गीता जयंती की तैयारियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जिसके माध्यम से गीता का संदेश भारत और विदेशों में फैल रहा है।
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