यूपी विधानसभा बजट सत्र लाइव, UP Budget Session 2026 Live Updates, Satish Mahana Statement Today, Dinesh Pratap Singh News, CAG Report UP 2026, Farmers Issue UP Assembly, Samajwadi Party Protest Today, Uttar Pradesh Political News,UP Vidhan Sabha Budget Session Photo, Satish Mahana in Assembly Image, Suresh Khanna Presenting CAG Report Pic, UP Assembly Farmers Issue Protest Image, Galgotias University AI Robot News Image,UP Vidhan Sabha Budget Session Photo, Satish Mahana in Assembly Image, Suresh Khanna Presenting CAG Report Pic, UP Assembly Farmers Issue Protest Image, Galgotias University AI Robot News Image,#UPBudgetSession #UttarPradeshAssembly #SatishMahana #SPvsBJP #CAGReport #FarmersIssue #UPPolitics #LiveUpdates,

“यूपी विधानसभा बजट सत्र के 9वें दिन सदन में तीखी बहस और हल्की नोकझोंक देखने को मिली। स्पीकर सतीश महाना ने मंत्री दिनेश प्रताप सिंह को टोका। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने CAG रिपोर्ट पेश की, किसानों के मुद्दे पर सपा का वॉकआउट।

हाइलाइट्स:

  • स्पीकर सतीश महाना की सख्ती: मंत्री दिनेश प्रताप सिंह को टोका— “काम करवाने के लिए ही तो बैठे हैं।”
  • माइक बंद करने की चेतावनी: मंत्री नरेंद्र कश्यप को समय से ज्यादा बोलने पर स्पीकर की नसीहत।
  • खाद संकट पर हंगामा: सपा विधायक राजेंद्र प्रसाद चौधरी ने किसानों को खाद न मिलने का मुद्दा उठाया।
  • वॉकआउट: विधान परिषद में किसानों के मुद्दे पर सपा विधायकों का वॉकआउट।
  • CAG रिपोर्ट पेश: वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने दावा किया— यूपी लगातार सरप्लस रेवेन्यू वाला राज्य।
  • AI रोबोट विवाद: गलगोटिया यूनिवर्सिटी से जुड़े मुद्दे पर चर्चा की मांग खारिज।
  • औद्योगिक इकाइयों पर दावा: मंत्री नंद गोपाल नंदी बोले— ऐसा कोई जिला नहीं जहां नई इकाई न लगी हो।
  • सदन में नोकझोंक और तंज: सवाल-जवाब के दौरान हल्के-फुल्के हास्य और तीखी बहस दोनों देखने को मिले।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के नौवें दिन गुरुवार को सदन में तीखी बहस, हल्की नोकझोंक और कई हास्यपूर्ण क्षण देखने को मिले। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच किसानों, औद्योगिक निवेश, तकनीकी प्रशिक्षण और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर जोरदार चर्चा हुई।

स्पीकर और मंत्री के बीच तीखी टिप्पणी

चर्चा के दौरान उस समय दिलचस्प स्थिति बन गई जब मंत्री दिनेश प्रताप सिंह अपने वक्तव्य में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों का उल्लेख करने लगे। उन्होंने कहा कि उन्होंने फोन कर क्षेत्र के कामों की जानकारी ली और कार्य करवाए।

इस पर स्पीकर महाना ने मुस्कराते हुए लेकिन सख्त लहजे में कहा—
“अगर आपको काम करवाना ही नहीं है तो आप वहां क्यों हैं? काम करवाने के लिए ही तो बैठे हैं। काम कराया तो अच्छी बात है, मुझे क्यों गिना रहे हैं, बाकी लोगों को गिना दीजिए।”
इस टिप्पणी के बाद सदन में ठहाके भी लगे।

AI रोबोट का मुद्दा भी उठा

सपा विधायकों ने नोएडा की गलगोटिया यूनिवर्सिटी से जुड़े AI रोबोट कार्यक्रम का मामला उठाते हुए चर्चा की मांग की। हालांकि स्पीकर ने इसे यह कहते हुए खारिज कर दिया कि कार्यक्रम न तो यूपी सरकार द्वारा आयोजित था और न ही राज्य में आयोजित हो रहा है, इसलिए इस पर चर्चा नहीं होगी।

खाद संकट पर गरमाई राजनीति

सपा विधायक राजेंद्र चौधरी और आनंद यादव ने किसानों को खाद न मिलने का मुद्दा उठाया। राजेंद्र चौधरी ने आरोप लगाया कि किसान सुबह से लाइन में लग रहे हैं, लेकिन खाद नहीं मिल रही, “लाठी जरूर मिल रही है।”

इस पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने पलटवार करते हुए कहा कि सपा शासन में किसानों को बीज और खाद तक नहीं मिलती थी और उन्हें भगवान भरोसे छोड़ दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि आज किसानों की आय दोगुनी हो चुकी है और सरकार रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर जोर दे रही है।

कृषि मंत्री के जवाब से असंतुष्ट सपा विधायकों ने विधान परिषद में वॉकआउट भी किया।

औद्योगिक निवेश पर सरकार का दावा

सपा विधायक संदीप सिंह पटेल ने पूछा कि पिछले दो वर्षों में किन-किन जिलों में नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुई हैं। इसके जवाब में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी ने कहा कि ऐसा कोई जिला नहीं है जहां औद्योगिक इकाई स्थापित न हुई हो। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा शासन में निवेशकों से वसूली होती थी, जिससे उद्योग पलायन कर जाते थे।

CAG रिपोर्ट और सरप्लस बजट

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में सीएजी रिपोर्ट पेश करते हुए दावा किया कि उत्तर प्रदेश अब सरप्लस रेवेन्यू वाला राज्य बन चुका है।
उन्होंने बताया कि 2021-22 में राज्य 33,430 करोड़ रुपये सरप्लस में था और 2024-25 में यह बढ़कर 59,326 करोड़ रुपये हो गया है।

उल्लेखनीय है कि 11 फरवरी को 9.12 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बजट पर वक्तव्य देने की संभावना है।

स्पीकर की चुटकियां और अनुशासन

सत्र के दौरान स्पीकर सतीश महाना ने कई बार सदन में अनुशासन बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप किया। पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री नरेंद्र कश्यप को समय से अधिक बोलने पर टोका और कहा—”अच्छा नहीं लगेगा कि आपका माइक बंद करना पड़े।”

सपा विधायक आरके वर्मा द्वारा चार मिनट तक बोलने के बाद स्पष्ट प्रश्न न पूछने पर भी उन्होंने चुटकी ली—”कमाल अख्तर बता दें कि क्या सवाल पूछा गया?”

हंगामे के दौरान उन्होंने विपक्षी विधायकों से कहा—”सब खड़े हो जाओ, तेज बोलो”—जिसके बाद सदन शांत हो गया।

बजट सत्र में कांग्रेस का हमला: ITI, बेरोजगारी और निजीकरण पर सवाल…

यूपी विधानसभा के बजट सत्र में कांग्रेस ने युवाओं की बेरोजगारी और ITI संस्थानों के मुद्दे पर सरकार को घेरा।

नेता विधानमंडल दल Aradhana Mishra Mona ने कहा कि योगी सरकार युवाओं के रोजगार को लेकर गंभीर नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों यानी ITI का निजीकरण किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण युवाओं पर महंगी फीस का बोझ पड़ रहा है।

आराधना मिश्रा मोना ने मांग की कि प्राइवेट ITI संस्थानों की फीस सरकार तय करे, ताकि गरीब और मध्यवर्गीय परिवारों के बच्चों के हित सुरक्षित रहें।

उन्होंने यह भी कहा कि कई नए ITI भवन तैयार हैं, लेकिन वहां न स्टाफ है, न प्रशिक्षण शुरू हुआ है — जिससे युवाओं का भविष्य अधर में है।

अन्य प्रमुख बातें

  • सपा विधायक रागिनी सोनकर ने वाराणसी में सड़क और टाइल्स भुगतान में कथित अनियमितता का मुद्दा उठाया।
  • बहराइच के विधायक आनंद यादव ने खाद के लिए दूसरे जिले जाने की बात कही।
  • उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा— “अगर सपा ने अच्छा काम किया होता तो विपक्ष में नहीं बैठना पड़ता।”

“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *